वैश्विक महामारी कोरोना का सबसे ज्यादा असर शादी- ब्याह पर पड़ा है। 14 अप्रैल के बाद कोरोना महामारी के बीच शादी विवाह का लग्न शुरू हुआ है। 15 दिन बीत जाने के बाद भी मात्र एक शादी हुई है। जबकि इस दौरान अकेले गढ़वा जिले में 500 से अधिक शादियां रोक दी गई हैं। इन सभी शादी का समय नवंबर-दिसंबर में शिफ्ट कर दिया गया है। कोरोना महामारी के कारण शादी- ब्याह में लगने वाले विभिन्न व्यवसाय से जुड़े लोगों को 200 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। यह आंकड़ा 30 अप्रैल तक का है। यदि तीन मई तक लॉक डाउन समाप्त नहीं होता है तो नुकसान और अधिक बढ़ने की संभावना है। जिले के मंदिरों में होती थी 200 शादियां, आज वहां लगा है ताला शादी ब्याह के लग्न में जिले के विभिन्न मंदिरों में करीब 200 शादियां होती थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इस बार अभी तक किसी भी मंदिर में एक भी शादी नहीं हुई है। प्रसिद्ध ब्रह्म स्थान मंदिर में शादी ब्याह के लग्न में प्रतिदिन छह से 10 शादियां होती थी। इसी तरह जुड़वनियां मंदिर, बंशीधर मंदिर, सतबहिनी झरना तीर्थ, केतार भगवती मंदिर, गढ़ देवी मंदिर आदि जगहों पर भी लग्न के समय शादियां हुआ करती थ...