Skip to main content

Posts

जीभ में स्वाद नहीं, गले में खराश होने से परेशान मां-बेटी ने खाया जहर, एक की मौत, दूसरी गंभीर

सोनगंगा कॉलोनी में शनिवार को मां-बेटी ने जहर खा लिया और अपने कुत्ते को भी चूहामार दे दिया। इससे मां की मौत हो गई। बेटी को सिम्स में भर्ती कराया गया है। खुदकुशी करने से पहले बेटी ने दो चिट्‌ठियां लिखी। एक में खुदकुशी के कारण है। दूसरी चिट्‌ठी मकान मालिक के नाम पर है जिसमें किराए के मकान का हिसाब किताब है। चिटि्ठयां हूबहू- पत्र-1 जीभ में किसी तरह का स्वाद महसूस न होना,गले में खराश बने रहना तथा अत्यधिक मात्रा में चक्कर आना,स्वास्थ्य संबंधी अपनी इन्हीं समस्याओं से हम जिंदगी से पूरी तरह निराश और हताश हो चुके हैं। अत: हम कीटनाशक का सेवन कर अपनी जीवनलीला को समाप्त कर रहे हैं, सके लिए हम स्वयं जिम्मेदार हैं। इसके लिए किसी को भी दोषी न ठहराया जाए। यदि हम इस कीटनाशक दवा के सेवन से नहीं मरते हैं तब भी हमें बचाने का प्रयास न किया जाए, क्योंकि हमारी जीने की इच्छा शक्ति खत्म हो चुकी है। हम अपने डॉगी को भी जहर देकर उसकी जीवन लीला समाप्त कर रहे हैं, क्योंकि वह भी कई महीनों से स्वास्थ्य खराबी से जूझ रहा है। अत: हमारे बाद उसकी देखभाल करने वाला भी कोई नहीं होगा। हमारे मकान मालिक संजय चक्रवर्ती हैं, ज...

एक वाइल में 10 डोज की संभावना, बिलासपुर में तीन लॉन्चिंग सेंटर तैयार

बिलासपुर में भी 16 जनवरी से कोविड टीकाकरण अभियान शुरू होने की संभावना है। जिले में तीन लॉन्चिंग सेंटर बना दिए गए हैं। इन्हीं सेंटरों में सबसे पहले हैल्थ वर्कर को टीका लगाकर वैक्सीनेशन की शुरुआत होगी इसके बाद जिले के 61 सेंटरों में एक साथ टीकाकरण होगा। निदेशक और राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर अमर सिंह ठाकुर ने बताया कि एक वाइल में 10 डोज होने की संभावना है। एक वाइल से 10 लोगों को टीका लगाया जाएगा। हर जिले में तीन लॉन्चिंग सेंटर रहेंगे। यहीं से वैक्सीनेशन की शुरुआत होगी। डीवीजन लेवल पर पांच लॉन्चिंग सेंटर बनाए जा रहे हैं। सभी सेंटरों में हैल्थ फेसिलिटी के हिसाब से वैक्सीनेशन होगा। राज्य टीकाकरण अधिकारी वैक्सीन से 10 फीसदी ज्यादा सिरिंज आएंगी ताकि सभी जिलों में किसी तरह परेशानी न हो। हमारी तैयारियां पूरी तरह हो चुकी हैं। अब सिर्फ भारत सरकार के पत्र का इंतजार है कि किस दिन से वैक्सीनेशन शुरू करना है। उम्मीद है 16 जनवरी से अभियान शुरू हो सकता है। 55 सेंटर तैयार, जरूरत पर 6 और बनाने की तैयारी इधर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर मनोज सैम्युअल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज सिम्स, जिला अस्पताल और बिल्...

उत्तरपुस्तिका छपवाने हर साल बदलाव, 3 साल में 12 लाख कॉपी हो गई रद्दी

(रामप्रताप सिंह) अटल यूनिवर्सिटी में हर साल उत्तरपुस्तिका घोटाले के लिए नया-नया नियम अपनाया जा रहा है। नए-नए नियम से एयू हर साल कॉपी छपवाती रही और पिछले सालों की बची कॉपियों को रद्दी बना रही है। हर साल 3 से 4 लाख उत्तरपुस्तिका छात्रों की परीक्षा के बाद बच जाती हैं। अगर तीन साल की उत्तरपुस्तिका की बात करें तो लगभग 12 लाख उत्तरपुस्तिका बची है, जिसे एयू कॉलेजों से नहीं मंगा पाई है और यह रद्दी बन गई है। एक उत्तरपुस्तिका का मूल्य 8 रुपए पढ़ता है। ऐसे में एयू 96 लाख रुपए की उत्तरपुस्तिका गड़बड़ी की आसंका है। एयू ऐसे छात्रों के पैसे का दुरुपयोग कर रही है। यूनिवर्सिटी ने वर्ष 2014-15 से वर्ष 2016-17 तक तीन चरणों में 42 लाख, 47 लाख और 1.30 हजार की उत्तरपुस्तिकाएं छपवाई। वर्ष 2017-18 में 15 लाख मुख्य व 20 लाख सप्लीमेंट्री, वर्ष 2019-20 में 18 लाख मुख्य और 25 लाख पूरक की उत्तर पुस्तिकाएं छपवाई है। इन उत्तरपुस्तिका छपवाने के बीच में यूनिवर्सिटी ने हर साल नया-नया बदलाव किया। पहले यूनिवर्सिटी केंद्रीय जेल से जो उत्तरपुस्तिका छपवाती थी, उसमें स्टेलर लगा रहता था। यूनिवर्सिटी ने नई उत्तरपुस्तिका छपव...

दोनों तरफ आग और धुंआ, बीच से गुजर रही ट्रेन, क्योंकि सफाई कर्मचारी कचरे में हर दिन लगा देते हैं आग

ये नजारा है बिलासपुर एयरपोर्ट के नजदीक रेलवे लाइन के किनारे बोदरी नगर पंचायत के टंचिंग ग्राउंड का। यहां पर सफाई कर्मचारी इकट्‌ठा किए गए कचरे पर हर दिन आग लगा देते हैं। रेलवे लाइन के दूसरी तरफ भी कचरे में आग लगाने से पूरे दिन वातावरण में चारों तरफ धुंआ फैलता रहता है। कचरा जलाना अपराध है। इस पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम 2016 के तहत कार्रवाई करने का अधिकार स्थानीय निकाय के अधिकारियों को है। लेकिन वे कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इस पर 5000 रुपए तक जुर्माना हो सकता है। दूसरी तरफ पर्यावरण विभाग को वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 के तहत जुर्माना करने का अधिकार है लेकिन वे भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today  फोटो: अब्दुल रिजवान from Dainik Bhaskar https://ift.tt/35rZYJL via

चार निजी लैब में थायराइड जांच, सबकी रिपोर्ट अलग, महिला परेशान किस रिपोर्ट के आधार पर कराए इलाज

एक ही बीमारी के लिए चार अलग-अलग लैब से जांच हुई। सभी की रिपोर्ट अलग आई है। अब महिला परेशान है कि किस रिपोर्ट के आधार पर इलाज कराए। पुराना बस स्टैंड में रहने वाली विद्या मिश्रा इसी पीड़ा से जूझ रही हैं। उनका मोटापा बढ़ रहा था वे एक निजी डॉक्टर के पास गईं, और सलाह ली तो डॉक्टर ने उन्हें थायराइड की जांच कराने कहा। महिला ने सबसे पहले एसके पैथोलॉजी लेबोरेटरी जांच कराई तो टीएसएच की रिपोर्ट 11.45 ulU/ml. आई। डॉक्टर को रिपोर्ट दिखाई तो उन्होंने महिला को थायराइड होना बताया। उन्होंने मन की शांति के लिए डॉक्टर लाल पैथोलॉजी में जांच कराई। टीएसएच की रिपोर्ट 5.040 ulU/ml. आई। महिला परेशान होने लगीं। इसके बाद उन्होंने फिर तीसरी बार एस-आरएल पैथोलॉजी में जांच कराई तो यहां भी रिपोर्ट अलग मिली। अंत में फिर एसके पैथोलॉजी में जांच कराई तो फिर रिपोर्ट अलग आई। अब महिला इस बात से परेशान हैं कि आखिर अब वे करें क्या। परीक्षण में गलती होने से ऐसा हो सकता है सिम्स बायोकेमिस्ट्री विभाग के विभागाअध्यक्ष डॉक्टर प्रशांत निगम ने बताया कि किसी भी रक्त परीक्षण में यदि सैंपल संग्रहण की परिस्थितियां (जैसे मरीज़ द्वारा...

माफिया किंग के किरदार में नजर आएंगे अभिषेक

बॉलीवुड फिल्म कबाड़ द कॉइन में अभिषेक चौहान भी एक्टिंग करते नजर आएंगे। इस फिल्म में एक्टर नसीरुद्दीन शाह के बेटे विवान शाह, जोया अफरोज, अतुल श्रीवास्तव भी मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म में विवान कबाड़ी वाले की भूमिका में हैं। फिल्म 500 साल पुराने कॉइन से जुड़े किस्से पर आधारित है। फिल्म में पैसे और इंसान के बीच के संबंधों को दिखाया गया है। वरदराज स्वामी के निर्देशन में बन रही फिल्म में शहर जूना बिलासपुर में रहने वाले प्रदीप चौहान के बेटे अभिषेक चौहान मदन माफिया किंग के किरदार में नजर आएंगे। अभिषेक फिल्म मांझी द माउंटेन मैन के असिस्टेंट डायरेक्टर रह चुके हैं। 10वीं तक की पढ़ाई उन्होंने शहर के बर्जेस स्कूल में की है। अभिषेक ने बताया कि उन्होंने फिल्म इंस्टीट्यूट मुंबई नामित कपूर से डिग्री हासिल की है। पृथ्वी थियेटर को भी ज्वाइन किया है। कबाड़ द कॉइन से उनकी बहुत उम्मीदें हैं। अब वे शहर के लिए भी काम करना चाहते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Abhishek will be seen in the role of Mafia King from Dainik Bhaskar https://ift.tt/35qhDkZ via

हाईकोर्ट ने कहा- दांडिक न्यायालय सीधे गैर जमानती वारंट जारी नहीं कर सकते:

हाईकोर्ट ने एक जमानत के मामले में सुनवाई करते हुए अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा है कि कोई भी दांडिक न्यायालयों को प्रथम दृष्टया सीधे गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं करना चाहिए। साथ ही विवेचना अधिकारी को आरोप पत्र प्रस्तुत करने के संबंध में आरोपी को सूचित करना चाहिए। खासकर तब जब आरोपी जमानत पर हो। कोर्ट का यह फैसला अब आने वाले समय में जमानत के मामलों में न्याय दृष्टांत होगा। मामले की सुनवाई जस्टिस संजय के. अग्रवाल की एकलपीठ में हुई। तखतपुर के दानेश्वर देवांगन उर्फ लाला की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में बताया गया कि तखतपुर की एक महिला डॉक्टर के पति जो कि पेशे से डॉक्टर हैं जिम गए थे। वहां से उनका मोबाइल गुम हो गया। मोबाइल को एक याचिकाकर्ता पाया था। मोबाइल से महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें वह वायरल कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में डॉक्टर दंपत्ति, याचिकाकर्ता और उसके दोस्त के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया। साथ ही चारों आरोपियों को थाने से ही मुचलके पर छोड़ दिया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today High Court said - Criminal courts cannot ...