सोनगंगा कॉलोनी में शनिवार को मां-बेटी ने जहर खा लिया और अपने कुत्ते को भी चूहामार दे दिया। इससे मां की मौत हो गई। बेटी को सिम्स में भर्ती कराया गया है। खुदकुशी करने से पहले बेटी ने दो चिट्ठियां लिखी। एक में खुदकुशी के कारण है। दूसरी चिट्ठी मकान मालिक के नाम पर है जिसमें किराए के मकान का हिसाब किताब है। चिटि्ठयां हूबहू- पत्र-1 जीभ में किसी तरह का स्वाद महसूस न होना,गले में खराश बने रहना तथा अत्यधिक मात्रा में चक्कर आना,स्वास्थ्य संबंधी अपनी इन्हीं समस्याओं से हम जिंदगी से पूरी तरह निराश और हताश हो चुके हैं। अत: हम कीटनाशक का सेवन कर अपनी जीवनलीला को समाप्त कर रहे हैं, सके लिए हम स्वयं जिम्मेदार हैं। इसके लिए किसी को भी दोषी न ठहराया जाए। यदि हम इस कीटनाशक दवा के सेवन से नहीं मरते हैं तब भी हमें बचाने का प्रयास न किया जाए, क्योंकि हमारी जीने की इच्छा शक्ति खत्म हो चुकी है। हम अपने डॉगी को भी जहर देकर उसकी जीवन लीला समाप्त कर रहे हैं, क्योंकि वह भी कई महीनों से स्वास्थ्य खराबी से जूझ रहा है। अत: हमारे बाद उसकी देखभाल करने वाला भी कोई नहीं होगा। हमारे मकान मालिक संजय चक्रवर्ती हैं, ज...