पैर लाचार हैं पर हाथों ने जिंदगी थाम रखी:गरीबी और दर्द ने देबकी के यहां बसाया घर, खाना तो दूर पीने के पानी तक को मोहताज
2020 से पिता अशक्त, मां भी चल बसी, सदमे में 20 साल की देबकी के दोनों पैर शून्य हो गए, मदद के हाथों से बस जीने के लिए जी रहे हैं पिता-पुत्री
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