साैर ऊर्जा आधारित जलापूर्ति याेजना में धनबाद जिला में कराेड़ाें रुपए का घाेटाला हुआ है। मुखियाओं और पंचायत सचिवों ने कई साेलर पंप याेजना में थाेड़ा-बहुत काम दिखाकर पूरी राशि निकाल ली है। 14वें वित्त आयाेग की राशि से साैर ऊर्जा आधारित जलापूर्ति याेजना के तहत प्रत्येक साेलर पंप सेट लगाने के लिए मुखियाओं काे 3.62 लाख रुपए दिए गए हैं। इसमें 64 हजार रुपए सुरक्षित राशि के ताैर पर 5 साल के लिए मेंटनेंस वर्क के लिए रख लेना था। अर्थात प्रत्येक साेलर पंप सेट के निर्माण में 3.15 लाख रुपए खर्च करने थे।
जिला पंचायती राज विभाग का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के तहत प्रत्येक पंचायत में औसतन 6-7 साेलर पंप के हिसाब से पूरे जिले में डीप बाेरिंग कर 1500 से अधिक साेलर पंप लगाए गए हैं। इस हिसाब से लगभग 4 कराेड़ रुपए साैर ऊर्जा पर आधारित जलापूर्ति याेजना पर खर्च की गई है। सरकार की याेजना सभी घराें में शुद्ध पेयजल पहुंचाना था, लेकिन पेयजल सप्लाई के नाम पर मुखियाओं और पंचायत सचिवों ने बड़े स्तर पर राशि की बंदरबांट कर ली। बाघमारा प्रखंड में सबसे ज्यादा गड़बड़ी के मामले आए हैं। जिला प्रशासन ने साेलर पंप गड़बड़ी मामले में तब संज्ञान लिया, जब किसी व्यक्ति ने बाघमारा प्रखंड में साेलर पंप में हुई गड़बड़ी की शिकायत झारखंड के लाेकायुक्त से की। लाेकायुक्त के निर्देश पर ही जिला प्रशासन बाघमारा प्रखंड में साेलर पंप में गड़बड़ी मामले की जांच करवा रहा है। एडीएम लाॅ एंड ऑर्डर धनबाद इसके जांच अधिकारी बनाए गए हैं।
जहां बीसीसीएल करती है जलापूर्ति, वहां भी सोलर पंप के नाम पर गड़बड़ी
काेल बेयरिंग एरिया माटीगढ़ा, मांदरा, बराेरा, बलियारडीह सहित कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां बीसीसीएल का सप्लाई पानी जाता है। उस एरिया में भी साेलर पंप का स्ट्रक्चर खड़ा कर मुखियाओं और पंचायत सचिवों ने पूरी राशि निकाल ली है, जबकि इस एरिया में साेलर पंप सेट की काेई जरूरत नहीं है। हरिणा, खानूडीह, टेमकनाली, निचितपुर-2, नदलुखी, डुमरा आदि पंचायतों में भी कई साेलर पंप याेजना में आधा-अधूरा काम के बावजूद पूरी राशि निकाल ली गई है। जिला पंचायती राज विभाग का कहना है कि बाघमारा प्रखंड में कुल 61 पंचायत हैं, इसमें 55 पंचायत ने ही साैर आधारित याेजनाएं ली हैं। बाकी 6 पंचायत, जहां फायर एरिया है, वहां पर याेजना नहीं ली गई है। 5-6 की औसत से 300 से अधिक साेलर पंप सेट इस प्रखंड में लगाए गए हैं।
बीडीओ व पंचायतों के मुखिया से रिपाेर्ट मांगी
एडीएम लाॅ एंड ऑर्डर चंदन कुमार का कहना है कि बाघमारा प्रखंड में साेलर पंप में हुई गड़बड़ी की जांच चल रही है। प्रखंड के बीडीओ और संबंधित मुखियाओं से साेलर पंप याेजना की पूरी रिपाेर्ट मांगी गई है। इसमें कुछ पंचायत से रिपाेर्ट भी आई है।
गोविंदपुर व तोपचांची में भी गड़बड़ी की शिकायतें
जिले में सबसे ज्यादा साैर ऊर्जा आधारित जलापूर्ति याेजनाएं बाघमारा, ताेपचांची और गाेविंदपुर में ली गई है, जहां सबसे ज्यादा गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। तीनाें प्रखंड के कई मुखियाओं ने याेजना की रिपाेर्ट जमा नहीं की है।
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