शहर के अलग-अलग हिस्सों में तीन लोगों ने फांसी लगा ली। तीनों ही मामलों में सुसाइड नोट नहीं होने के कारण पुलिस को खुदकुशी की वजह का पता नहीं चला है। इंदिरानगर में रहने वाली महिला बेटे की मौत के कारण लंबे समय से अवसाद में थी।
इसी तरह पतरापाली में हुए हादसे में भी युवक आर्थिक कारणों से परेशान था। रामभाठा में हुए हादसे में व्यक्ति के काफी दिनों से परेशान होने की बात सामने आ रही है। फिलहाल तीनों ही मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। कोरोनाकाल में जिले में खुदकुशी के मामले भी बढ़े हैं।
इंदिरानगर में रहने वाली महिला ने आत्महत्या कर ली है। महिला शुक्रवार शाम घर से मगरिब की नमाज पढ़कर निकली थी। दूसरे दिन घर से कुछ दूरी पर बने श्मशान में महिला ने फांसी लगाकर जान दे दी। स्थानीय लोगों के अनुसार महिला के बेटे ने भी लगभग पांच साल पहले इसी तरह फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। इसके बाद उसने राजा नाम के एक युवक को गोद लेकर जमीन उसी के नाम कर दी थी। महिला शुक्रवार शाम मगरिब की नमाज पढ़कर घर के लिए निकली थी।
कोतरारोड थाना क्षेत्र के पतरापाली में रहने वाले युवक गंगाराम चौहान की लाश शनिवार की सुबह फोर्टिस अस्पताल के सामने लटकते हुए मिली। युवक सुबह ही घर से बाथरूम जाने के बहाने निकला था। कुछ घंटों बाद परिवार को युवक के मौत की सूचना मिली। परिजन युवक के हत्या की आशंका जता रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी तरह की कोई जानकारी नहीं मिलने की बात कही है। पुलिस शव का पंचनामा करने के बाद पीएम के लिए भेजा।
रामभाठा क्षेत्र में किराए के मकान में रहने वाले एक 45 साल के व्यक्ति लक्ष्मी यादव निवासी सक्ती ने शनिवार देर शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस के अनुसार युवक काफी दिनों से किराए के मकान में रहकर शहर में मजदूरी करता था। देर शाम अचानक उसने आत्महत्या कर ली। अभी तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस को सूचना के बाद युवक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस ने शव का पंचनामा कराकर उसे पीएम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है।
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