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पहले बेचा फिर रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर अपने नाम पर की जमीन

जिले में जमीन को बेचने के बाद फिर से अपने नाम पर करा लेने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी किसानों काे तब हुई जब भुईंया पोर्टल में रिकॉर्ड अपलोड हुए तो खरीदने वाले किसानों के नाम की जमीन पहले के जमीन मालिकों के नाम पर थी। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने कलेक्टर से की। कलेक्टर ने डिप्टी कलेक्टर के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। इस टीम ने जांच शुरू कर दी है।

डभरा तहसील के रेड़ा के किसान डोल नारायण और देवनारायण के संयुक्त नाम पर जमीन है। इस जमीन में से करीब 10 एकड़ जमीन को उन्होंने दूसरों के नाम पर बेच दिया। खरीदने वालों ने रजिस्ट्री भी करा ली, नामांतरण भी हो गया और काबिज भी वही लोग रहे, जिन्होंने जमीन खरीदी थी पर बेचने वालों ने नामांंतरण पंजी में टेंपरिंग करक जमीनों को वापस अपने नाम पर दर्ज करा लिया। इसकी जानकारी खरीदारों को तब हुई, जब वे लोग जमीन का पंजीयन रिन्युवल के लिए समितियों में गए।

पिता ने पहले बेची जमीन बेटा और भाई ने अपने नाम करा ली

डभरा तहसील में ही एक अन्य मामला सामने आया है। जिसमें खैरा (खुर्द) के बरत राम पिता खेमनाथ ने अपने भाई हीरालाल पटेल के संयुक्त नाम से दर्ज अपनी जमीन को गांव के लोगों के पास बेच दिया था। उन्‍होंने भी अपने नाम पर रजिस्ट्री करा ली और न केवल कब्जा था बल्कि फसल भी लेते रहे।

किंतु इसी बीच बरतराम की मौत हो गई तो बेचने वालों की नियत बिगड़ गई और और बेची हुई जमीन को पटवारी व राजस्व अधिकारियों से मिल कर बरत राम के भाई हीरालाल और बरत राम के बेटे लक्ष्मीप्रसाद ने रिकॉर्ड में अपने नाम पर वापस चढ़वा ली।

मृत पटवारी के कार्यकाल में दस्तावेजों से हुई छेड़खानी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खैरा खुर्द में हीरालाल और उसके भतीजे लक्ष्मीप्रसाद ने कूटरचना करने में भी दिमाग लगाया है। अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आ रहा है कि जिस समय कूट रचना की गई है, उस समय उस पटवारी की मौत हो चुकी थी, जिसका कार्यकाल दर्शाया गया है। अब अधिकारी राजस्व विभाग के उस पटवारी को भी तलाश करेंगे जिसने मृत व्यक्ति के कार्यकाल का इसे बताया है।

राजस्व रिकॉर्डों में छेड़छाड़ की शिकायत सही लग रही है

डभरा तहसील के किसानों ने उनके द्वारा खरीदी गई जमीन फिर से जमीन मालिकों के नाम पर वापस होने की शिकायत कलेक्टर से की थी। शिकायत की जांच के लिए कहा गया है। प्रथम दृष्टया राजस्व रिकॉर्डों में छेड़छाड़ व शिकायत सही दिख रही है। एक प्रकरण में मृत पटवारी के कार्यकाल का बदलाव बताया जा रहा है, उसका भी परीक्षण कर रहे हैं। जांच पूरी नहीं हुई है। करूण डहरिया, जांच अधिकारी



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जांच करती राजस्व की टीम।


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