अहिंसा और नशामुक्ति के संदेश का नारा लिए देशभर में पैदल भ्रमण करने वाले आचार्य श्री महाश्रमण अपनी धवल सेना के साथ तेलंगाना के हैदराबाद से निकलकर आंध्रप्रदेश के चट्टी में रात बिताने के बाद सोमवार सुबह करीब 8 बजे 21 मिनट पर कोंटा पहुंचे। इस दौरान आचार्य श्री महाश्रमण के साथ उनके सैकड़ों अनुयायी भी उपस्थित थे।
कोंटा प्रवेश के दौरान संसदीय सचिव व जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन व उनके परिवार व बाकी अन्य साथियों के साथ छत्तीसगढ़ व आंध्रप्रदेश के कोन्टा बॉर्डर पर उनका स्वागत बस्तरिया अंदाज में ढोल नगाड़ों के साथ आदिवासी संस्कृति के कलाकारों द्वारा आदिवासी नृत्य कर किया। आचार्य श्री महाश्रमण के स्वागत के लिए कोंटा के विभिन्न सेवा संगठन के साथ साथ मुस्लिम समुदाय के वरिष्ठजनों ने भी स्वामी का स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया। बॉर्डर से ये सभी भक्त व अनुयायियों द्वारा पैदल यात्रा कर स्वामी के साथ चलते दिखे। इस दौरान राह में भक्तजनों द्वारा स्वामी के आशीर्वाद लेती दिखे।
9 नवंबर 2014 से दिल्ली से शुरू हुई है यह यात्रा, मकसद- जनता स्वस्थ रहे
पदयात्रा में अहम भूमिका निभाने वाले महामंत्री नरेंद्र दुग्गड़ ने कहा यह पदयात्रा 9 नवंबर 2014 को दिल्ली से प्रारंभ हुई थी। जो इन 8 वर्षों के दौरान करीब 3 देशों और 20 राज्यों में भ्रमण कर करीब 15 हजार किलोमीटर की पदयात्रा संपूर्ण हो चुकी है। अहिंसा यात्रा का मुख्य उद्देश्य सदभागिता, नैतिकता व नशामुक्ति का संदेश पहुंचाना है। अनुयायियों ने कहा कि वे हर दिन 15 किलोमीटर विहार करते हुए जहां भी रुकते है वहां की जनता को सद्भावना को अपनाने व द्वेष को त्यागने के लिए कहते हैं।
फंदीगुड़ा में आचार्य ने बताया शांति का महत्व, 14 फरवरी को रायपुर पहुंचेंगे
कोंटा से निकली आचार्य श्री महाश्रमण की पदयात्रा करीब 10 बजे फंदीगुड़ा गांव पहुंची, जहां लंगर का आयोजन किया गया। आचार्य अनुयायियों व भक्तों से रूबरू होकर शांति के वंचन सुनाए। रेखचंद जैन व अन्य अनुयायियों ने स्वामी जी के अनमोल वचनों को पढ़ा। भक्तों से रूबरू व विश्राम करने के बाद स्वामी इंजरम की ओर दोपहर करीब 3 बजे निकल पड़े। उनके अनुयायियों ने कहा कि स्वामी हर दिन सूर्यास्त के पूर्व ही अपने गम्य स्थल पहुंच जाते है।
14 फरवरी को रायपुर पहुंचेगी पदयात्रा
पदयात्रा दंतेवाड़ा, गीदम, जगदलपुर, कोंडागांव, केशकाल, धमतरी होते हुए 14 फरवरी को एयरपोर्ट रायपुर के सामने जैनम मानस भवन पहुंचेगी। जहां पर आचार्य 8 दिन तक रुकेंगे। स्वामी के रायपुर प्रवास के दौरान महेंद्र धाड़ीवाल के नेतृत्व में 13 पंत धर्म का सबसे बड़ा मर्यादा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में देश के अनेक गणमान्य अतिथि, जन समाज के लोग, साधु संत, राजनेता, दार्शनिक लोग स्वामीजी का दर्शन करेंगे।
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