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यहां 6 समूहों के 60 सदस्य जैविक खाद से लेकर बकरी पालन में जुटे

ग्राम पंचायत खैरखेड़ा गोठान जिले का आदर्श गोठान बना हुआ है। यहां एक दो नहीं बल्कि गांव के 6 समूहों के 60 सदस्य मिलकर जैविक खाद निर्माण, मुर्गी पालन, सब्जी उत्पादन, कड़कनाथ पालन, मत्स्य पालन, मशरूम उत्पादन, बतख पालन, बकरी पालन आदि कार्य एक साथ कर रहे हैं। इससे गांव के लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।
वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं। सबसे बड़ी खासियत है कि 6 में से 5 समूह महिलाओं के यहां काम कर रहे हैं जिससे गांव की महिलाओं को स्वरोजगार मिल रहा है। चारामा विकासखंड का ग्राम पंचायत खैरखेड़ा गोठान 7 एकड़ में फैला हुआ है। पंचायत में एक साल से गोठान विकसित करने का काम किया जा रहा है तथा यहां सफलता भी मिल रही है। सबसे पहले गोठान में शुरूआत जैविक खाद बनाने और बकरी पालन का काम शुरू किया गया। गांव के लोगों को यहां काम करने से हो रहे आर्थिक लाभ को देखते एक के बाद एक समूह जुड़ने लगे। वर्तमान में यहां 6 समूह के 60 सदस्य जुड़ चुके हैं तथा एक ईकाई के रूप में काम कर रहे हैं। वर्तमान में यहां जैविक खाद निर्माण, बकरी पालन के अलावा कड़कनाथ मुर्गी पालन, देशी मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, मशरूम पालन, बतख पालन, सब्जी उत्पादन कार्य भी किया जा रहा है। गोठान में वर्तमान में 85 नग बकरी पालन, 35 नग बतख पालन, एक हजार कड़कनाथ पालन, 500 नग देशी मुर्गी पालन किया जा रहा है। भविष्य में सुअर शेड बनाकर सुअर पालन करने की भी योजना है। मत्स्य पालन के लिए दो डबरी का निमार्ण हो चुका है।

गोठान में अब तक इतनी हो चुकी आमदनी
गोठान में कड़कनाथ मुर्गी पालन से 45 हजार की आमदनी हो चुकी है। देशी मुर्गी पालन से 60 हजार की आमदनी हो चुकी है। बकरी पालन में 20 हजार की आमदनी हो चुकी है। मशरूम उत्पादन हाल ही में शुरू किया गया है। गोठान में अब तक 16 बोरी जैविक खाद बनाई जा चुकी है।

अभी तो ये शुरुआत है
गांव के बालकुंवर समिति के सदस्य विष्णु जुर्री ने कहा गांव में गोठान को बने अभी एक साल ही हुआ है लेकिन इस एक साल में ही बहुत काम हो चुके हैं। अभी तो शुरूआती दौर है, समय के साथ काम तथा आमदनी बढ़ती जाएगी। गांव के शिव तुमरेटी ने कहा गोठान से गांव की खासकर महिलाओं को स्वरोजगार मिल रहा है।

गोठान बेहतर ढंग से हो रहा विकसित: वैज्ञानिक
सिंगारभाठ कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा बीरबल साहू ने कहा गोठान का यह शुरूआती दौर है। शुरूआती दौर में ही गोठान से जुड़े समूह उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। इससे गोठान से जुड़े सदस्यों को रोजगार भी मिल रहा है तथा वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी हो रहे हैं।

यहां पहुंचे थे मंत्री टीएस सिंहदेव
खैरखेड़ा गोठान के काम की चर्चा पूरे प्रदेश में है। यही कारण है की गत वर्ष दिसंबर में प्रदेश के पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव खैरखेड़ा गोठान का निरीक्षण करने पहुंचे थे। यहां हो रहे कामों की उन्होंने प्रशंसा भी की थी।



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Here 60 members of 6 groups go from organic manure to goat rearing


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