Skip to main content

2021 में मांगलिक कार्यों पर 5 बार प्रतिबंध, फिर भी पिछले साल से अधिक मुहूर्त, सबसे ज्यादा मई और जून के महीने में

मलमास की वजह से मांगलिक कार्य अभी बंद हैं। पूरे साल में ऐसे 5 प्रतिबंध लगेंगे। इसके बावजूद पिछले साल की तुलना में इस बार ज्यादा दिन शहनाइयां गूंजेंगी। 2021 में 51 दिन विवाह के लिए शुभ हैं। सबसे ज्यादा मुहूर्त मई-जून में मिलेंगे। मई में जहां 13 दिन तो जून में 10 दिन सावे रहेंगे। 2020 की बात करें तो 45 दिन ही मुहूर्त मिले थे। कोरोना और लॉकडाउन के चलते इनमें से भी ज्यादातर मुहूर्तों में विवाह नहीं हो सके।
मलमास 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति तक रहेगा। इसके तुरंत बाद गुरु और फिर शुक्र तारा अस्त होने के चलते शहनाइयों पर ब्रेक अप्रैल तक रहेगा। ज्योतिषियों का कहना है कि 17 जनवरी से गुरु तारा अस्त हो जाएगा। देवगुरु बृहस्पति विवाह के कारक माने गए हैं। गुरु के अस्त रहते विवाह की मान्यता नहीं है। गुरु का उदय 14 फरवरी को होगा और इससे 3 दिन पहले यानी 11 फरवरी को शुक्र तारा भी अस्त हो जाएगा। इसके अलावा 14 मार्च से मीनमास लग जाएगा। इन तीनों स्थितियों में शुभ कार्यों की मनाही है। 13 अप्रैल को मीनमास की समाप्ति के साथ मुंडन-गृहप्रवेश और कुआं-बावड़ी खनन जैसे कार्य शुरू हो जाएंगे। शादियों के लिए पहला मुहूर्त 22 अप्रैल को मिलेगा। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि 22 अप्रैल से 20 जुलाई तक 37 दिन शादी के लिए शुभ मुहूर्त हैं। फिर चातुर्मास के चार माह एक बार शुभ कार्य नहीं हो सकेंगे। 14 नवंबर को देवउठनी एकादशी के साथ मुहूर्त शुरू होंगे और 14 दिसंबर तक 13 दिन शादियां हो सकेंगी। 15 दिसंबर से धनु मलमास शुरू हो जाएगा जो 14 जनवरी 2022 तक रहेगा।

किस माह में कितने मुहूर्त
अप्रैल- 22, 24, 25, 26, 27, 28, 30।
मई- 4, 7, 8, 9, 13, 14, 21, 22, 24, 26, 29, 30, 31।
जून- 5, 6, 18, 19, 20, 21, 22, 24, 26, 28।
जुलाई- 1, 2, 3, 6, 9, 15, 18, 20।
नवंबर- 14, 20, 21, 28, 30।
दिसंबर- 1, 6, 7, 8, 9, 11, 13, 15।

सूर्य 11 तक रहेंगे पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में... रखनी होगी सावधानी
ग्रहों के राजा सूर्य 11 जनवरी को दोपहर 1.22 बजे तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में रहेंगे। 27 नक्षत्रों में यह सबसे चमकीला है। ज्योतिषाचार्य डाॅ. दत्तात्रेय होस्केरे ने बताया कि अभी सूर्य के पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में होना मंगल, गुरु और बुध के 3 नक्षत्र में जन्म लेने वालों को अधिक प्रभावित करेगा। जिनका जन्म आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती, पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वाभाद्रपद, मृगशिरा, चित्रा अथवा धनिष्ठा नक्षत्र में हुआ है, उन्हें इस दौरान विशेष सावधानी रखने की जरूरत है। खासतौर पर स्वास्थ्य को लेकर। कमर, रीढ़ की हड्डी, मस्तिष्क, हृदय, छाती में दर्द की शिकायत हो सकती है। मान-सम्मान और संपत्ति के मामले में भी अभी संभलकर रहने की जरूरत है।

संयोग इन जातकों के लिए रहेगा शुभ
ज्योतिषाचार्य होस्केरे ने बताया कि शुक्र, शनि, चंद्र व सूर्य के नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातकों के लिए यह संयोग शुभ साबित होगा। इसके साथ ही राहु और केतु के नक्षत्र में जन्म लेने वालों के लिए भी यह लाभप्रद साबित होगा। स्वास्थ्य, शिक्षा के साथ आर्थिक मामलों में भी प्रगति के योग बन रहे हैं। रोगों में कमी आएगी। बिगड़े काम बनेंगे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Ban on Manglik works 5 times in 2021, yet more muhurta than last year, highest in the month of May and June


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3pPCQg0
via

Comments