रांची यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। 27 बीएड कॉलेजों के 2700 पासआउट छात्र-छात्राओं की मार्क्सशीट के बारकोड एक ही छात्र के नाम से जारी कर दिए गए हैं। यह छात्र संघमित्रा बीएड कॉलेज का आकाश है। मामला बीएड के सत्र 2018-20 के विद्यार्थियों से जुड़ा है। अब विवि प्रशासन ने सभी बीएड कॉलेजों को मार्क्सशीट सरेंडर करने काे कहा है। ताकि बारकोड में सुधार कर नए सिरे से अंक पत्र जारी किए जाएं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजेश कुमार ने कहा है कि नई प्रोग्रामिंग के कारण बारकोड में एक ही स्टूडेंट का डिटेल आ गया है।
बीएड कॉलेजों को अंकपत्र सरेंडर करने के लिए कहा गया है। कुछ कॉलेजों ने सरेंडर कर सुधरा हुआ अंकपत्र ले लिया है। बता दें कि नकली मार्क्सशीट कोई न बना सके, इसलिए यूनिवर्सिटी प्रशासन अंकपत्रों में बार कोड का इस्तेमाल करता है। इसमें संबंधित स्टूडेंट, कॉलेज का नाम, क्रमांक, रजिस्ट्रेशन नंबर की जानकारी रहती है। इधर, छात्रों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें पुरानी मार्क्सशीट सरेंडर करने और नई लेने के लिए रांची आना होगा। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त खर्च करना होगा।
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