रघुवर सरकार के कार्यकाल में राज्य में समाप्त किए गए जाेनल आईजी के चार पदाें काे वर्तमान सरकार द्वारा भले ही बहाल कर दिया गया हाे, लेकिन इन पदाें पर पदस्थापना के लिए समुचित संख्या में आईजी उपलब्ध नहीं हैं। ऐसी स्थिति में ये पद या ताे खाली रहेंगे या फिर इन्हें किसी आईजी स्तर के अफसर काे अतिरिक्त प्रभार देना हाेगा।
राज्य में जाेनल आईजी के चार रांची, पलामू, दुमका व बोकारो में हैं, जबकि रेंज डीआईजी के छह पद रांची, पलामू, काेल्हान, हजारीबाग, दुमका व बोकारो हैं। रघुवर सरकार में फरवरी 2016 में यह दलील देते हुए इन पदाें काे समाप्त किया गया था कि रेंज डीआईजी के ही स्तर से जब सारा काम हाे सकता है, ताे जाेनल आईजी के पद की जरूरत नहीं है।
पद या ताे खाली रहेंगे या फिर इन्हें किसी आईजी स्तर के अफसर काे अतिरिक्त प्रभार देकर भरना पड़ेगा
आईजी स्तर के अफसराें की कमी, 6 में से 1 अफसर इसी माह हो रहे रिटायर
राज्य पुलिस में आईजी स्तर के अफसराें की भारी कमी है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से इतर वर्तमान में 6 आईजी अफसर हैं। इनमें से जैप आईजी सुधीर कुमार झा दिसंबर में रिटायर हो जाएंगे, उसके बाद 5 आईजी बचेंगे। दूसरी तरफ आईजी के पद पर प्रोन्नति के लिए लंबा इंतजार करना हाेगा। 2003 बैच के झारखंड कैडर के आईपीएस अफसर व रांची डीआईजी अखिलेश कुमार झा ही एक मात्र ऐसे अफसर हैं, जिन्हें 2021 में आईजी पद पर प्रोन्नति मिल सकती है। आम ताैर पर आईपीएस काे डीआईजी के पद पर प्रोन्नति के लिए 14 साल की सेवा पूरी करना आवश्यक है।
तीन अधिकारी पहले से प्रतिनियुक्ति पर, चौथे को भी अनुमति
आईजी के पद पर झारखंड में पदस्थापित अन्य अफसराें में 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी एवं आईजी मानवाधिकार नवीन कुमार सिंह, 1997 बैच की आईपीएस अधिकारी एवं आईजी प्रोविजन सुमन गुप्ता, 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी एवं झारखंड पुलिस अकादमी के निदेशक टी. कंडास्वामी, 1998 बैच की आईपीएस अधिकारी एवं आईजी ट्रेनिंग प्रिया दुबे, 2002 बैच के आईपीएस एवं आईजी अभियान साकेत कुमार सिंह (अतिरिक्त प्रभार आईजी झारखंड जगुआर, आईजी एसआईबी) शामिल हैं।
साकेत कुमार सिंह के केंद्रीय प्रतिनियुक्त पर जाने के लिए केंद्र की हरी झंडी मिल चुकी है। वैसे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर झारखंड कैडर के तीन आईपीएस अधिकारी हैं, इनमें 1996 बैच के आईपीएस बलजीत सिंह,1997 बैच के आशीष बत्रा और 2001 बैच के मनोज कौशिक शामिल हैं।
प्राेन्नति बाधित नहीं
राज्य में आईजी के सभी चार पदाें काे फिर से सक्रिय करने का लाभ आईपीएस अफसराें काे मिलेगा। इस पद पर प्रोन्नति के लिए तय समय सीमा पूरी करने पर उन्हें प्रोन्नति में बाधा नहीं आएगी, क्याेंकि आईजी के पद खाली रहने पर ही प्रोन्नति मिल सकती है।
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