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Jharkhand daily news

(उमेश कुमार/सुबोध मिश्रा) झारखंड में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले की जांच चल ही रही है कि हजारीबाग में एक नया मामला सामने आया है। जिले में डोभा (छोटा तालाब) निर्माण में 21.5 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। मनरेगा योजना से मजदूरों का पलायन रोकने और उनको रोजगार देने के लिए हजारीबाग जिले में 2891 डोभा बनवाए जा रहे हैं।

ग्रामीण विकास विभाग के आंकड़ाें में 862 डोभा निर्माण का दावा किया गया है। भास्कर टीम ने जिले के 16 प्रखंडों में डोभा निर्माण कार्य की जमीनी हकीकत जानी तो चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। 500 डोभा बने ही नहीं हैं। 362 ऐसे डोभा हैं, जिनको रातोंरात जेसीबी से खुदवा दिया गया। स्थल चुनाव में भी भारी गड़बड़ी की गई है।

जंगल और नदी के किनारे जेसीबी से घेरा बनाकर डोभा बता दिया गया है। विभागीय जानकारों ने बताया कि तीन तरह के डोभा बनाए जाते हैं। छोटे आकार के डोभा पर एक से डेढ़ लाख, मझौले पर 2 से 2.50 लाख और बड़े आकार के डोभा पर करीब चार लाख रुपए खर्च होते हैं।

फर्जी दस्तावेज तैयार करके मास्टर रोल में चढ़ाए गए मजदूरों के नाम, एक रात में जेसीबी ने 13 खोदे

घोटाले को छिपाने के लिए केरेडारी प्रखंड में मजदूरों से काम कराने का दस्तावेज तैयार कराया गया है। मास्टर रोल में मजदूरों के फर्जी नाम चढ़ाए गए। इसमें कर्मचारियों की अहम भूमिका रही है। विभागीय अफसरों से लेकर कर्मियों को जानकारी है, लेकिन काम जारी रहा। केरेडारी सलगा पंचायत में एक ही रात में जेसीबी से 13 डोभा की खुदाई हुई।

डोभा चयन से लेकर निर्माण तक पैसों की हेराफेरी
सोशल एक्टिविस्ट अनूप कुमार के अनुसार, डोभा के चयन से लेकर निर्माण तक में पैसों की हेराफेरी होती है। इस में मुखिया, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक, बीपीओ और वरीय अधिकारी शामिल रहते हैं। डोभा के आकार के आधार पर राशि तय होती है। इस पर डेढ़ से चार लाख का खर्च आता है। मजदूरों की जगह जेसीबी से काम करवाया जाता है।

केरेडारी में डोभा खुदाई में गड़बड़ी, एफआईआर दर्ज
^केरेडारी प्रखंड सेे अनियमितता की शिकायत आई है। वहां टीम भेजकर जांच कराई गई थी। एफआईआर दर्ज हुई है। डोभा में निर्धारित गहराई और आकार के अनुसार निर्माण नहीं हाेना और जेसीबी से काम कराए जाने की शिकायत आई है। दोषियों पर कार्रवाई होगी। -अभय कुमार सिन्हा, डीडीसी, हजारीबाग

फिलहाल गड़बड़ी की सूचना नहीं, जांच होगी
^डोभा निर्माण में फिलहाल गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली है। सूचना मिलने पर जांच होती है। इस मामले में शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। अब तक जो गड़बड़ियां सामने आई हैं, उस पर कार्रवाई होती रही हैं। गलत तरीके से बने डोभा पर रोक लगाई गई है। -अनुजा राणा, बीपीओ, मनरेगा



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हजारीबाग के केरेडारी में जेसीबी से बना डाेभा।


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