साकची सत्यनारायण मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी मंदिर के निर्माण का मामला झारखंड उच्च न्यायालय में पहुंचा गया है। इसकाे लेकर कपूर बागी (टुडू) और विजेंद्र शर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि साकची ठाकुरबाड़ी स्थित राधा-कृष्ण सार्वजनिक मंदिर के एक हिस्से पर अवैध कब्जा कर सत्यनारायण मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी मंदिर का निर्माण किया गया है। साथ ही उसके ऊपर चार तल्ले का गेस्ट हाउस और शौचालय का निर्माण किया गया।
यह राधा-कृष्ण मंदिर की पवित्रता को नष्ट करने करने की साजिश है। याचिकाकर्ताओं ने काेर्ट काे बताया है कि राधा-कृष्ण मंदिर आदिवासी जमीन पर बना एक सार्वजनिक मंदिर है, जिसे पटना उच्च न्यायालय ने अपने 14/5/1976 के आदेश में उसे सार्वजनिक मंदिर घोषित किया है। इसका विवरण (AIR 1977 Pat 23) में है।
जमीन कब्जा के लिए बनाया फर्जी ट्रस्ट
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि जमीन पर कब्जा करने के लिए सत्यनारायण मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी के नाम से प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी ट्रस्ट बनाया गया। जिस स्थान पर राधा-कृष्ण सार्वजनिक मंदिर बना है वह आदिवासी जमीन होने की वजह से न तो वह टाटा स्टील की लीज का हिस्सा है न ही वह स्थानांतरित करने योग्य जमीन है।
जेएनएसी ने निर्माण की नहीं दी थी अनुमति
याचिकाकर्ता कपूर बागी (टुडू) और विजेंद्र शर्मा ने बताया कि जमशेदपुर, अधिसूचित क्षेत्र समिति(जेएनएसी) की ओर से सूचना के अधिकार कानून के तहत मांगी गई सूचना के तहत जाे जानकारी उपलब्ध कराई गई है उससे स्पष्ट है कि जेएनएसी ने उक्त अवैध निर्माण की कोई अनुमति नहीं दी है।
यह जमीन न्यास बोर्ड की है- ट्रस्टी
जिस व्यक्ति की ओर से यह याचिका डाली गई है वह हमें मंदिर के नाम पर बार-बार ब्लैकमेल करता रहा है। इसकी शिकायत एसडीओ को की गई थी, लेकिन अभी तक काेई कार्रवाई नहीं हुई। यह जमीन झारखंड राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड की है। हमारे पास पूरे कागजात मौजूद है।
-कमल अग्रवाल, ट्रस्टी, साकची सत्यनारायण मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी मंदिर
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