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स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने कहा है कि सामान्य व उर्दू शिक्षकों की अलग वरीयता सूची बननी चाहिए। 10 प्रतिशत पदों पर उर्दू शिक्षकों के संधारित पृथक वरीयता सूची से प्रोन्नति दी जाए। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के अवर सचिव अरविंद सिंह ने रांची डीसी को भेजे पत्र में कहा है कि प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक प्रोन्नति नियमावली 1993 के प्रावधानों के मुताबिक ग्रेड 3 या अन्य उच्चतर ग्रेड में सामान्य श्रेणी में प्रोन्नति के लिए उपलब्ध पदों में से 10 प्रतिशत पदों पर उर्दू शिक्षकों को प्रोन्नति दी जाए।

विभाग ने कहा है कि यह प्रावधान मात्र वर्ष 1994 में नियुक्त शिक्षकों के लिए ही प्रभावी रहेगा। गौरतलब है कि बिहार लोक सेवा आयोग, पटना की अनुशंसा के तहत वर्ष 1994 में सामान्य शिक्षक एवं उर्दू शिक्षक नियुक्त हुए थे।



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