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Jharkhand daily news

अपनी मांगों को लेकर पिछले एक सप्ताह से रांची के मोरहाबादी मैदान में प्रदर्शन कर रहे आरक्षी पुलिस परीक्षा (2015) के सफल अभ्यर्थियों ने सोमवार को विरोध का नया तरीका चुना। ये मोरहाबादी के आसपास के इलाके में भिक्षाटन कर रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल शशिकांत पाठक ने बताया कि अलग-अलग जिले से आए अभ्यर्थियों ने भिक्षाटन करके एक हजार रुपए जुटाए हैं।

उन्होंने कहा कि ये सांकेतिक नहीं है। वे अपनी मांगों को लेकर आठ दिनों से मोरहाबादी में बैठे हुए हैं। उनकी सुध लेना वाला कोई नहीं है। अब उनके सामने स्थिति यह है कि खाने तक के पैसे नहीं है। उन्होंने बताया कि वे इसी तरह भीख मांग के यहीं तब तक अड़े रहेंगे जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मान लेती है।

चुनाव के समय दिया था आश्वासन
शशिकांत ने बताया कि वे पांच साल से इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं। हर नेता से लेकर मंत्री के पास जाकर गुहार लगाए। सभी ने केवल आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि जब हेमंत सोरेन विपक्ष में थे तब उन्होंने मांगों को जायज बताया था। चुनाव जीतने के बाद नियुक्ति का आश्वासन भी दिया था। अब जीत जाने के बाद भूल गए हैं। इनका कहना है कि अब इन्हें आश्वासन नहीं एक्शन चाहिए।

क्या है मांगें
2015 JSSC की तरफ से आरक्षी जिला पुलिस के 7272 सीटों पर बहाली निकाली गई थी। पीटीई, मेंस, और 10 किलोमीटर की दौड़ के बाद 2017 में पहली मेधा सूची जारी की गई थी जिसमें 4200 लोगों का चयन किया गया था। उस समय यह बताया गया था कि बाकी बचे तीन हजार सीटों के लिए दूसरे सूची जारी की जाएगी। इस बात को तीन साल बीत गए लेकिन अभी तक सूची जारी नहीं की गई है। ये सूची को जारी करने की मांग कर रहे हैं।



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मोरहाबादी में दुकानदारों से भीख मांगते आरक्षी परीक्षा के अभ्यर्थी।


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