Skip to main content

दंतेवाड़ा में शहर से गांव तक की दुकानें बंद रहीं, आदिवासी समाज ने भी किया समर्थन

भारतीय किसान संघ के आह्वान पर बंद का असर दंतेवाड़ा में भी देखने को मिला। मंगलवार को जिला मुख्यालय से लेकर गांवों में भी दुकानें बंद रहीं। इस बंद का समर्थन दंतेवाड़ा किसान संघ के अलावा सर्व आदिवासी समाज, व्यापारियों ने भी किया। हालांकि इस बीच यात्री बसों, टैक्सियों की सीमित संख्या में आवाजाही होती रही। दोपहर के बाद इक्का- दुक्का दुकानें यहां जरूर खुलने लगीं।
सर्व आदिवासी समाज के सदस्यों ने राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार यशोदा केतारप को ज्ञापन भी सौंपा। मौके पर समाज के महासचिव धीरज राणा, सर्व समाज प्रमुख सत्यनारायण कर्मा, कोया समाज के जिलाध्यक्ष महादेव नेताम, विमला कुंजाम, गजलु पोडियाम मासा कुंजाम, महेश स्वर्ण, नितिन झाड़ी, बोगाराम ताती, खोमन तारम, राम कुंजाम, एस आर कड़ती, केशव नेताम, शैलेश अटामी, लक्ष्मण कुंजाम, सुखराम नाग, ललित सोरी, जितेंद्र सोरी आदि मौजूद थे।

इधर शांति से गुजरा नक्सलियों का पीएलजीए सप्ताह दबाव ऐसा कि एक भी घटना में सफल नहीं हो पाई
इधर मंगलवार नक्सलियों के पीएलजीए सप्ताह का आखरी दिन रहा। 2 दिसंबर से इसकी शुरुआत हुई थी। इसके पहले नदी पार गांव हांदावाड़ा में हत्या की एक घटना हुई, लेकिन सप्ताह के बीच किसी भी बड़ी घटना को अंजाम देने में नक्सली सफल नहीं हो पाए। इसकी वजह दंतेवाड़ा में नक्सलियों पर लगातार बढ़ रहा पुलिस का दबाव व मजबूत सूचना तंत्र भी माना जा रहा है। इस सप्ताह में नक्सल वारदात की आशंका पर एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने जिले के सभी थाना क्षेत्रों, सुरक्षा बलों के कैंप में अलर्ट भी जारी कर रखा था। इसकी वजह से नक्सली कामयाब नहीं हो पाए। अमूमन नक्सली ऐसे दिनों में विशेषकर सुरक्षा बलों को टारगेट करते हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Shops from city to village remained closed in Dantewada, tribal society also supported


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3m6FrjH
via

Comments