सालेटोला से कोटलभट्टी तक पीडब्ल्यूडी द्वारा 10 किमी सड़क का निर्माण कराया गया। लेकिन निर्माण में ठेकेदार द्वारा बरती गई अनियमितता के चलते सालभर भी नहीं चल पाई। सड़क कई जगह पर धंसने लगी है। इसके चलते राहगीर अक्सर दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग 2019 में सालेटोला से कोटलभट्टी तक 10किमी डामरीकरण रोड बनाया। लेकिन इस दौरान गुणवत्ता को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया गया। सड़क की स्थिति को देखते हुए 28 दिसंबर को जिला सतर्कता एवं मानिटरिंग कमेटी के सदस्य भीखम शोरी ने इसकी शिकायत मंत्री से लेकर पीडब्लूडी, कलेक्टर तक की। इस पर सड़क की गुणवत्ता को लेकर जांच टीम गठित की गई। जांच अधिकारी पीएमजीएसवाई के ईई मनोज कुमार रात्रे व अपर कलेक्टर एमआर चेलक सड़क जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने सड़क को खोदवा कर देखा। यहां मुरम की जगह लाल मिट्टी मिली। सड़क पर बोल्डर भी डाला जाना था, लेकिन जांच में बोल्डर का नामोनिशान नहीं मिला।
मुरुम की जगह लाल मिट्टी को डालकर खानापूर्ति
पूर्व सरपंच रामचरण नेताम ने कहा जब लाल मिट्टी डाल रहे थे तब ग्रामीणों ने लाल मिट्टी के जगह दानेदार मुरम डालने के लिए कहा। इसके बाद भी इसे नजरअंदाज किया गया। आज सड़क सालभर भी नहीं टिक पाई। जांच अधिकारी मनोज कुमार रात्रे ने बताया शिकायत पर सड़क की जांच की गई है। रिपोर्ट तैयार की उच्चाधिकारियों को सौंपा जाएगा।
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