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उत्तर पूर्व से आ रही हवा की दिशा बदली, कोहरे के कारण घाटी में ठंड कम पड़ रही

उत्तर पूर्व से आने वाली हवा की दिशा अब बदल गई है। प्रदेश में दक्षिण पूर्व से हवा आने लगी है। इसके चलते न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि तापमान में यह बढ़ोतरी दो जनवरी तक होगी। इसके चलते ठंड में कमी आएगी। हालांकि आसमान साफ और मौसम भी शुष्क रहेगा। मौसम के बदलाव का असर जिले में दिखाई दिया है।
चिल्फीघाटी अब सुबह के समय बर्फ नहीं जम रही। गुरुवार की सुबह कोहरा था, जो करीब 8 बजे तक रहा। शाम के समय में कोहरा रहा। कोहरे के कारण घाटी में ठंड कम पड़ रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि हवा की दिशा में बदलाव के चलते अब ठंड थोड़ी कम हो गई है। तीन जनवरी से मौसम में कुछ बदलाव हो सकता है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा का कहना है हवा की दिशा बदलने से न्यूनतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, ठंड कम लग रही है।

नए साल में पहुंचे लोग, लेकिन ठंड नहीं
नए साल को लेकर लोग वनांचल में ज्यादा पहुंच रहे हैं। इसमें दीगर जिले के लोग ज्यादा शामिल है। गुरुवार की शाम को चिल्फीघाटी में भीड़ देखी गई। यहां के लॉज व सरोदा-दादर में ठहरने के लिए बनाए गए हॉटल भी बुक है। आज नए साल को लेकर दिनभर क्षेत्र में लोगों की भीड़ रहेगी। इसके साथ कवर्धा से लगे सरोधा बांध, सहसपुर लोहारा के सुतियापाठ बांध, बोड़ला के छीरपानी बांध में भी लोग नए साल के जश्न मनाने पहुंचेंगे।

इस बार 30 फीसदी कम रही गर्म कपड़ों की बिक्री
बीते साल की अपेक्षा इस साल ठंड थोड़ी कम पड़ने की वजह से गर्म कपड़ों की बिक्री में गिरावट आई है। कारोबारियों का कहना है कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल अब तक देखें तो गर्म कपड़ों की बिक्री में 25 से 30 फीसदी की गिरावट आई है। ग्राहकों को दिए जाने वाले आफर भी कारोबार की रफ्तार नहीं बढ़ा पा रहे हैं। ऊलन मार्केट सहित ब्रांडेड कंपनियों के जैकेट, स्वेटर में भी आफर हैं। कवर्धा शहर के मेन रोड, लोहारा नाका में स्टाल लगे हैं।

आगे ठंड ज्यादा पड़ी तो फसल में होगा रोग
दो जनवरी के बाद मौसम में ठंडकता आने की संभावना है। कृषि विभाग ने फल, सब्जियों की फसलों के लिए सलाह दी है कि अधिक ठंड की अवस्था में भिन्डी में पीतशिरा रोग की समस्या आती हैं। कीटनाशी का छिड़काव करना आवश्यक हैं। बैगन व टमाटर की फसल में जीवाणु जनित उकठा रोग के निदान के लिए जो पौघे मर गए हों उन्हें उखाड़ दें। एक सप्ताह तक सिंचाई नहीं करें। टपक सिचांई वाली फसलों में प्रकोप कम होता है।



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Wind direction coming from North East, due to fog, cold in valley is decreasing


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