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बड़े पैमाने पर दिया जाएगा रोजगार, ट्रांसजेंडर भी नहीं रहेंगे पीछे

साल 2020 में कोरोना के कारण दंतेवाड़ा में विकास की रफ्तार जरूर धीमी हुई लेकिन 2021 दंतेवाड़ा के लोगों के लिए बड़ी उम्मीदें लेकर आ रहा है। यहां विकास की रफ्तार दोगुनी तेजी के साथ आगे बढ़ेगी। नए साल में दंतेवाड़ा के हर वर्गों के हाथ में रोजगार देने की बड़ी तैयारी के साथ काम भी शुरू हो गया है। लंबी अवधि के कई बड़े प्रोजेक्ट्स तैयार हैं। स्थानीय उत्पादों को बाहरी बाजार देने बाहरी कंपनियों से अनुबंध हुए हैं तो कहीं होने की तैयारी है। शहर से लेकर गांव तक में रोजगार का बड़ा माहौल होगा। महिला, पुरुषों के अलावा पहली बार प्रशासन ने रोजगार मूलक काम से जोड़ने ट्रांसजेंडर्स का भी ख्याल रखा है। बाकायदा इन्हें भी कामों से जोड़ा जाएगा। इतना ही नहीं, दंतेवाड़ा को आत्मनिर्भर जिला बनाने की तैयारी है।
दूध, फल, सब्जी, अंडा, मुर्गियां, मसाले जैसे इन जरूरी सामानों के लिए पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना पर निर्भरता खत्म की जाएगी। ताकि इन सामानों के लिए दूसरे प्रदेशों में जाने वाली बड़ी रकम दंतेवाड़ा के लोगों को ही मिल सके। कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि नए साल में दंतेवाड़ा में रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन जैसे हर सेक्टर में काम होंगे। ज़्यादा से ज़्यादा काम होंगे व लोगों को काम से जोड़ा जाएगा।

शहरी विकास पर भी होगा जोर: दंतेवाड़ा में गांवों के साथ शहरी विकास पर भी जोर होगा। कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि दंतेवाड़ा शहर में चौपाटी, मुक्तिधाम का जीर्णोद्धार, दंतेश्वरी मंदिर के आसपास टूरिज़्म स्पॉट बनेगा। 5 साल पहले तालाब सौंदर्यीकरण के लिए तोड़ी गई 75 दुकानों के दुकानदारों को दूसरी जगह दुकानें मिलेंगी। जगह चिन्हांकन के साथ दुकान बनाने राशि जल्द ही स्वीकृत होगी।

3 सालों बाद बारसूर महोत्सव की तैयारी
इस साल 2021 को बारसूर महोत्सव का आयोजन करने की भी तैयारी है। साल 2017 को आखरी बार बारसूर महोत्सव हुआ था। इसके बाद इस आयोजन के लिए ब्रेक लगता चला गया और लोगों की उम्मीदें टूट गई। कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए इस बार बारसूर महोत्सव भी करेंगे।
बंद बड़े प्रोजेक्ट को मिलेगी गति: साल 2017-18 को देश भर में चर्चित रहे दंतेवाड़ा के बड़े प्रोजेक्ट शक्ति गारमेंट, ई रिक्शा, बीपीओ कॉल सेंटर को भी दोबारा गति देने की तैयारी है। ये सब अभी ठप हैं।

इन कामों की बनी रणनीति

  • दंतेवाड़ा के प्रोडक्ट्स को बाहरी मार्केट देने कंपनियों से एमओयू।
  • दंतेवाड़ा टेलरिंग का हब बनेगा।
  • लघु उद्योग स्थापित होंगे।
  • वन विलेज वन प्रोडक्ट का काम होगा। इसके लिए 17 गांवों का चयन कर काम भी शुरू हो गया है।
  • कड़कनाथ को बाज़ार देने दो कंपनियों से एमओयू होगा, इसका फायदा कड़कनाथ पालकों को होगा।
  • जैविक जिला घोषित करने भूमगादी के अलावा एक अलग फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी होगी।
  • ग्राम स्वरोजगार केंद्र खुलेंगे, एक ही जगह नाई, मैकेनिक, कृषि यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक सहित अन्य दुकानें होंगी।


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Employment will be provided on a large scale, even transgender will not be left behind


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