छत्तीसगढ़ के उद्योगों के लिए लौह अयस्क और कोयले की कमी नहीं होने दी जाएगी। राज्य सरकार एनएमडीसी और केन्द्र सरकार के साथ लगातार इस संबंध में प्रयास कर रही है। उद्योगपतियों की सहूलियत के लिए लघु वनोपजों के वेल्यू एडिशन के लिए वन विभाग के माध्यम से मॉडल प्रोजेक्ट तैयार करने की पहल करेगी। इससे ऐसे उद्योगों में स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
सीएम भूपेश बघेल ने उद्योगपतियों से बस्तर सहित प्रदेश के वन क्षेत्रों में लघु वनोपजों में वेल्यू एडिशन के लिए उद्योगों की छोटी-छोटी यूनिटें लगाने कहा है। शनिवार को कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज के कार्यक्रम में बघेल ने कहा कि प्रदेश के लगभग 300 गांवों में गौठानों में बनाए गए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। वहां महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियां संचालित कर रोजगार और आय के साधनों के साथ जुड़ रही हैं। अम्बिकापुर में एक महिला स्वसहायता समूह ने गौठान में तैयार वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री 16 रुपए प्रति किलो की दर से करने के लिए एक कम्पनी के साथ एमओयू भी किया है। उद्योग मंत्री कवासी लखमा, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नान के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, प्रमुख सचिव उद्योग मनोज पिंगुआ व सीआईआई के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने भी विचार रखे।
राज्य में 103 एमओयू किए
सीएम ने कहा कि सरकार ने उद्योगपतियों से विचार-विमर्श कर प्रदेश की नई औद्योगिक नीति निर्धारित की। इसकी वजह से पिछले दो वर्षों में 103 एमओयू हुए। इनके माध्यम से प्रदेश में 42 हजार करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। अब इन एमओयू को क्रियान्वित करने की चुनौती राज्य सरकार के साथ-साथ उद्योगपतियों की भी है। मुख्यमंत्री ने इन एमओयू के क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को प्रोफेशनल तरीके से काम करने को कहा है।
जब पूरे देश में मंदी थी, तब अछूता रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पूरा देश आर्थिक मंदी से प्रभावित था, छत्तीसगढ़ में उद्योग जगत मंदी से अछूता रहा। देश में सबसे पहले अप्रैल में उद्योगों में काम प्रारंभ हुआ। इसमें उद्योगपतियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। छत्तीसगढ़ जीएसटी कलेक्शन में आज शीर्ष पर हैं। इसका श्रेय भी उद्योग और व्यापार जगत के लोगों को जाता है। लौह अयस्क और कोयले की खदानों में कोरोना संकट काल में भी उत्पादन लगातार जारी रहा।
खेती व उद्योगों से रोजगार
बघेल ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता खेती-किसानी के साथ उद्योगों के माध्यम से रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उत्पन्न करने की है। उद्योगों में प्रशिक्षित श्रमिकों की जरूरत होगी तो राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने ऑटोमोबाइल उद्योग और सोलर एनर्जी प्लांट की स्थापना के लिए भी राज्य सरकार की ओर से मदद का आश्वासन दिया।
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