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जैविक खाद और जैविक कीटनाशक का करें इस्तेमाल

विश्व मृदा दिवस पर शनिवार को कृषि विज्ञान केन्द्र, भलेसर में कृषि विज्ञान केन्द्र तथा जिओ लाईफ एग्रीटेक इंडिया लिमिटेड, मुम्बई, के संयुक्त तत्वाधान में किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय(रायपुर) के निदेशक विस्तार डाॅ. एस. सी. मुखर्जी शामिल हुए। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता जिओ लाइफ एग्रीटेक इंडिया लिमिटेड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. अमित त्रिपाठी ने की।

कार्यक्रम में केन्द्रीय एवं कृषक कल्याण मंत्री ने सम्मेलन में ऑनलाइन किसानों को संबोधित किया। इसके बाद कृषि विज्ञान केन्द्र ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड का उपयोग करते हुए संतुलित उर्वरक प्रबंधन एवं मृदा स्वास्थ्य में वृद्धि, रबी फसलों में मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, शीतकालीन उद्यानिकी फसलों की खेती, रबी फसलों में सिंचाई प्रबंधन, कृषि आय को दोगुनी करने हेतु उन्नत कृषि तकनीक, मौसम पूर्वनुमान एवं इसका कृषि पर प्रभाव के बारे में जानकारी दी।

साथ ही कृषि संबधित समस्याओं पर कृषकों से चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य डाॅ. एससी मुखर्जी ने कहा कि कहा कि जमीन में आवश्यक पोषक तत्वों की निरंतर कमी हो रही है। पोषक तत्व फसल उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कृषकों सेे आग्रह किया की संतुलित खाद का उपयोग कर समन्वित पोषक तत्वों का उपयोग करें, साथ ही साथ जैविक खाद एवं जैविक कीटनाशक का उपयोग करें।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुसंशाओं के अनुसार खाद एवं उर्वरक का उपयोग करें। डाॅ. अरूण त्रिपाठी ने कहा कि कृषक मृदा स्वास्थ्य कार्ड का अधिक से अधिक उपयोग करें।इस दौरान विशिष्ट अतिथि, डाॅ. अरूण त्रिपाठी, वैज्ञानिक, निदेशक विस्तार सेवाएं, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, एसआर डोंगरें, उपसंचालक कृषि, जिला महासमुंद उपस्थित थे।



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प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।


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