जगरगुंडा सहित आस-पास के इलाकों में सड़क के साथ दूसरे विकास कार्य भी होंगे। स्कूल-आंगनबाड़ी की तस्वीरें भी बदलेंगी। झोपड़ी वाले स्कूलों को जल्द ही भवन बनाने पर योजना शुरू की जाएगी। सुकमा कलेक्टर ने इस पर खुद संज्ञान लिया है। दरअसल, जगरगुंडा में स्कूल भवन हैं, लेकिन पास के गांव कोंडासांवली गांव में झोपड़ी पर स्कूल चलता है। अधिकांश स्कूल-आंगनबाड़ी को जगरगुंडा शिफ्ट कर दिया गया है। कोंडासांवली दंतेवाड़ा और सुकमा जिले की सीमा का गांव है, जहां सौ से ज्यादा परिवार रहते हैं। यहां सभी मकानों सहित स्कूल लकड़ियों से बने हुए हैं। सड़क कटी होने के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना सहित दूसरी सरकारी योजना इन गांवों तक पहुंच ही नहीं पाई है। यहां कुपोषण को दूर करना बड़ी चुनौती है। कामरगुड़ा गांव में दर्जनों बच्चे कुपोषित मिले हैं। ऐसे में सुकमा कलेक्टर विनीत नंदनवार ने गर्म भोजन सहित महिला एवं बाल विकास योजना की योजना तो पहुंच रही है। कुपोषण दूर करने के लिए संवरता सुकमा के तहत डीएमएफ मद से योजना चलाने की बात कलेक्टर ने कही है।
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