Skip to main content

किसानों के समर्थन में कांग्रेस-आप ने ताकत झोंकी, घूम-घूमकर बंद कराया, दूध पर पहरा और खुलेआम बिकती रही शराब

किसानों के समर्थन में आई कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक जिले को बंद कराया। शहर में घूमघूम कर एक एक दुकानें बंद कराई। मंगलवार को हुए इस बंद ने कई सवाल खड़े कर दिए। कांग्रेस ने शहर बंद के साथ दूध जैसी चीज की बिक्री भी बंद करा दी जबकि दूसरी ओर शहर में शराब के ठेकों के पास दुकानों से खुलेआम शराब व चखने बिकते रहे। दूध किसानों से ही जुड़ा है।
मंगलवार को कांकेर शहर में साप्ताहिक बंद रहता ही है। अधिकांश दुकानें बंद रहती है लेकिन कांग्रेसियों ने ऐसा बंद कराया कि सुबह सब्जी के पसरे वालों को भी खदेड़ दिया। पूर्ण लॉकडाउन में भी दूध की बिक्री को बंद से छूट दी गई थी। शहर में सभी दुकानें तो बंद रही लेकिन शराब दुकानों में भीड़ रही।

आप ने कृषि कानून के साथ पीएम का जलाया पुतला
नए कृषि कानून के खिलाफ आप पार्टी ने कांकेर में एक रैली निकाली जो पुराना बसस्टैंड में सभा में बदल गई। यहां आप कार्यकर्ताओं ने नए कानून की प्रतियां जलाने के साथ प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया जिसके लिए पुलिस के साथ खींचतान भी हुई।

साप्ताहिक बाजारों मेेंं नहीं दिखा बंद का असर
जिले में जहां मंगलवार को साप्ताहिक बाजार था उन गांव में बंद का कोई असर नहीं दिखा। पीढ़ापाल समेत अन्य गांव में सामान्य दिनों की तरह ही बाजार भरे और आसपास के गांव के किसान व ग्रामीण खरीदी करने वहां पहुंचे।

पखांजूर-बांदे बंद लेकिन कापसी खुला रहा
परलकोट में बंद का मिलाजुला असर रहा। पखांजूर व बांदे बंद रहा लेकिन कापसी में बंद को कोई असर नहीं रहा। कापसी बाजार पूरी तरह खुला रहा। कांग्रेस का समर्थन होने के कारण कांग्रेस पदाधिकारियों ने बाजार में दुकानों को बंद कराया।​​​​​​​

कई संगठन बंद-चक्काजाम करते रहे, किसान धान बेचने में जुटे रहे
केंद्र सरकार द्वारा जारी नए कृषि कानून के खिलाफ दिनभर जिले में कांग्रेस, आप व शिव सेना प्रदर्शन करते रहे जबकि आम किसानों ने प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी। कुछ किसान नेता ही इसमें शामिल हुए। अधिकांश किसान धान बेचने में ही जुटे रहे। भानुप्रतापपुर में हुए प्रदर्शन में संयुक्त किसान संघ के साथ कांग्रेस, शिवसेना, आम आदमी पार्टी, परिवहन संघ शामिल हुए। गोड़वाना भवन में एकत्र होकर नारेबाजी करते रैली निकाल बाबा शतराम चौक पहुंच चक्काजाम किया। चक्काजाम होने पर पुलिस ने मार्ग डायवर्ट कर आवागमन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने एक घंटे जाम लगा रखा था। प्रदर्शन के दौरान कानून की प्रतियां जलाई गई। इस प्रदर्शन से किसान नहीं जुड़े। गिनती के किसान प्रदर्शन में शामिल हुए। यहां जो किसान प्रदर्शन में पहुंचे उन्हें यह भी नहीं पता था कि प्रदर्शन क्यों किया जा रहा है। टेकाढ़ोड़ा से आए किसान सुबेसिंह ने कहा किसान सम्मेलन बोले हैं तब आए हैं। जब किसान से पूछा गया प्रदर्शन क्यों किया जा रहा है, क्या मांग है तो जवाब नहीं दे सके। एसे ही करमोती, टेढईकोंदल के किसानों को भी मांगों को लेकर कोई जानकारी नहीं थी। इससे स्पष्ट है किसानों को उनके लिए बनाए गए कानून की कोई जानकारी ही नहीं है। ये सभी किसान सम्मेलन के नाम से यहां जुटे थे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
In support of the farmers, the Congress-AAP shook its strength, roamed around, guarded on milk and sold liquor openly


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3ox4ttG
via

Comments