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लॉकडाउन में बिल्डरों को मिली थी राहत, लेकिन कई ने पैसे लेने के बाद भी इसकी आड़ में रजिस्ट्री रोकी

मार्च में कोरोना लाॅकडाउन को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ रेरा ने राजधानी समेत राज्यभर के बिल्डरों को कई शर्तों से छूट दी थी। प्रोजेक्ट के लिए अतिरिक्त समय दिया गया, यहां तक कि शिकायतों की सुनवाई भी आगे बढ़ा दी गई थी। लेकिन इस राहत की आड़ में प्रापर्टी खरीदनेवालों की दिक्कतें बढ़ा दी गईं। अब रेरा ने ज्यादातर राहतों को खत्म करते हुए शिकायतों की सुनवाई शुरू कर दी है। दो दिन में ही हाउसिंग बोर्ड तथा दो और बिल्डरों के खिलाफ रेरा ने आदेश पारित किया है कि दो महीने के भीतर अधूरे काम पूरे करवाकर रिपोर्ट दी जाए। इसमें एक शिकायत यह भी थी कि प्रापर्टी बुक करने और रकम हासिल करने के बाद भी बिल्डर ने लाॅकडाउन की आड़ में अब तक रजिस्ट्री नहीं की है।

छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में सबसे ज्यादा शिकायतें बिल्डरों के खिलाफ इस बात को लेकर है कि वे ब्रोशर में जैसी योजना दिखाते हैं, वैसी सुविधा लोगों को नहीं मिलती है। इसलिए ऐसे सभी बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। धरमजयगढ़ में रहने वाली शारदा पटेल ने रायपुर में सिवनी अभनपुर में प्रमोटर वात्सल्य बिल्डर्स से प्लॉट खरीदा। मकान खरीदते वक्त प्रमोटर्स ने ब्रोशर में बताया था कि उनके प्रोजेक्ट में सड़क, बिजली वितरण लाइन, अंडरग्राउंड टैंक, गार्डन, चिल्ड्रन प्ले एरिया, मंदिर, बाउंड्रीवाल आदि का काम पूरा कर देने का वादा किया गया था। बिल्डर प्रफुल्ल पुरुषोत्तम राव ने 2011 से 2015 तक कई लोगों को प्लॉट की बिक्री की। लेकिन तय सुविधाएं अभी तक नहीं दी। इसलिए रेरा ने अध्यक्ष विवेक ढांढ ने फैसला दिया कि रायपुर कलेक्टर दो महीने में सभी काम करवाए।


हाउसिंग बोर्ड के खिलाफ आदेश
निजी बिल्डरों के साथ ही लोगों को सुविधाएं देने में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड भी पीछे हैं। डॉ. मोनिका पाठक की शिकायत पर हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर, सीईओ और संपदा अधिकारी के खिलाफ फैसला सुनाया गया है। रेरा के आदेश में कहा गया है कि एक साल के भीतर पीपल-1 बोरियाकला में सभी तरह की त्रुटियों को सुधार कर उन्हें मकान सौंपा जाए। इसी तरह शंकरनगर में रहने वाले मनीष शर्मा की शिकायत पर भी आयुक्त समेत सभी अफसरों को तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।

41 करोड़ के प्लॉट बेचकर धोखा
नरदहा में अबीर बिल्डकॉन ने सिटी ऑफ वेलेन्सिया प्रोजेक्ट शुरू किया। 2010-11 में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत के बाद 41 करोड़ से ज्यादा के प्लॉट लोगों को बेचे गए। इस प्रोजेक्ट में आज भी सड़क, नाली, पेयजल, सीवरेज, बिजली, लैंडस्केपिंग, डिवाइडर, कम्यूनिटी सेंटर, बाउंड्रीवाल, मेन गेट, गार्ड रूम कुछ भी नहीं बनाया गया है। प्लॉट खरीदने वाले लोगों से बड़ी धोखाधड़ी की गई है। अबीर बिल्डकॉन के डायरेक्टर आफताब सिद्दीकी अभी एक जमीन मामले में फर्जीवाड़ा करने की वजह से जेल में है। इस बिल्डर पर कई जमीनों के दस्तावेजों के साथ जालसाजी करने का भी आरोप है। रेरा ने इस प्रोजेक्ट में भी लोगों को 2 माह के भीतर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। इसकी जिम्मेदारी कलेक्टर की होगी।



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फाइल फोटो।


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