छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में खाली पड़ी जमीनों का उपयोग सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए किया जाएगा। इसी तरह जिला मुख्यालयों और प्रमुख शहरों के जर्जर भवनों का पुनर्निमाण किया जाएगा। साथ ही शहरों में अवैध निर्माण के नियमितीकरण की फिर तैयारी की जा रही है। इसके लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया जाएगा। वहीं हाउसिंग बोर्ड व आरडीए द्वारा सरकारी जमीन पर बनाए गए आवासीय या व्यावसायिक योजना की व्यावसायिक संपत्ति फ्री-होल्ड होगी।
सीएम भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंत्रिमंडल ने इन प्रस्तावों को मंजूरी दी। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि सड़कों और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए बैंकों और दूसरे वित्तीय संस्थानों से कर्ज लिया जा सकेगा। क्योंकि छत्तीसगढ़ सड़क और बुनियादी ढांचा विकास निगम राज्य सरकार से सॉवरेन गारंटी लेकर बैंक और वित्तीय संस्थाओं से ऋण प्राप्त कर सकेगी। मंत्रिपरिषद ने कर्ज की प्रक्रिया और निर्माण कार्य संपादित करने की प्रक्रिया का भी अनुमोदन किया। उन्होंने बताया कि गोधन न्याय योजना के तहत वर्मी कंपोस्ट की बिक्री अब 8 की बजाय 10 रुपए में की जाएगी। कृषि कल्याण परिषद में उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए इसके पुनर्गठन को मंजूरी दी।
अन्य प्रमुख निर्णय
- राज्य भण्डार क्रय नियम, 2020 में संशोधन, अब सभी विभागों के लिए राज्य के सप्लायरों से ही सामान खरीदे जाएंगे।
- दुर्ग गृह निर्माण समिति राजनांदगांव (मोहन नगर) को आबंटित नजूल भूमि का पट्टा देने की अनुमति।
- भारतीय स्टाम्प संशोधन विधेयक 2020 के प्रारूप का अनुमोदन।
- छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक 2020 के प्रस्ताव का अनुमोदन।
- नियमितीकरण अधिनियम 2002 में संशोधन के लिए मंत्रिपरिषद उप समिति का गठन।
- राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंध (संशोधन) विधेयक 2020 का अनुमोदन।
- द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2020-21, विनियोग विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन।
- आईटीआई में शेष 69 संविदा प्रशिक्षण अधिकारियों की सेवा अवधि में भी वृद्धि/नवीनीकरण।
- रायपुर के शांतिनगर के पुनर्विकास को मंजूरी मिली।
ठेकेदारों के पंजीयन में बदलाव, युवाओं को अवसर
निर्माण कार्यों के ठेकों में एकीकृत पंजीयन व्यवस्था के तहत ई श्रेणी के मापदंड में संशोधन किया जा रहा है। अब सामान्य क्षेत्रों में स्नातक युवाओं का पंजीयन होगा। अनुसूचित क्षेत्रों में हायर सेकेण्डरी उत्तीर्ण युवाओं का पंजीयन ई श्रेणी में किया जाएगा, जबकि पहले अनुसूचित क्षेत्रों में भी स्नातक उपाधिधारी बेरोजगार युवाओं का ई श्रेणी में पंजीयन किया जा रहा है। इसी तरह मापदंड (चार) में अब ई श्रेणी पंजीयन एवं प्रतिस्पर्धा ब्लॉक एवं निगम सीमा तक सीमित रहेगी। पंजीयन ब्लाॅक स्तर पर होगा तथा संबंधित निगम सीमा क्षेत्र को भी पंजीयन के लिए एक इकाई माना जाएगा। पहले प्रावधान था कि स्नातकधारी जिस ब्लाॅक के निवासी होंगे, वह उसी ब्लाॅक अंतर्गत के कार्यों के लिए प्रतिस्पर्धा में भाग ले सकेंगे।
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