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महारानी अस्पताल में हफ्तेभर से कीमोथैरेपी नहीं हो रही जबकि आयुष्मान कार्ड से कट गई रकम

बस्तर में कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए कीमोथैरेपी की सुविधा तो महारानी अस्पताल में शुरू कर दी गई है, लेकिन अब हालात ये हो गए हैं कि दवाएं नहीं मिलने से यहां करीब एक हफ्ते से ये सुविधा नहीं मिल पा रही है। मरीजों को आयुष्मान भारत योजना का फायदा भी नहीं मिल पा रहा है। जबकि इस योजना में कीमोथैरेपी के लिए विशेष रूप से प्रावधान किए गए हैं। समय पर कीमोथैरेपी नहीं मिलने से कैंसर मरीज परेशान हैं।
इधर दवाएं मुहैया करवाने में नॉन-कम्युनिकेबल डिसीज प्रोग्राम के प्रभारी द्वारा मनमानी का खामियाजा कैंसर मरीज भुगत रहे हैं। बताया जाता है कि वहां से दवाएं भेजी ही नहीं जा रही हैं, जिसके चलते समय पर मरीजों को कीमोथैरेपी नहीं मिल पा रही है।
समय पर नहीं मिला इलाज तो मरीजों पर बढ़ जाएगा खतरा: जानकार बताते हैं कि कीमोथैरेपी समय पर नहीं मिलने से मरीजों का रिकवरी रेट काफी कम हो जाता है, ऐसे में तकलीफ बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए समय पर मरीज को कीमोथैरेपी मिल जानी चाहिए। जगदलपुर में कीमोथैरेपी शुरू करने के पीछे का उद्देश्य ये था कि कैंसर से जूझ रहे गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज मिल सके। हालांकि शुरुआत में कलेक्टर ने डीएमएफ मद से दवाएं मुहैया करवाई थीं, लेकिन अब वह भी बंद हो गया है।

10 दिन पहले आयुष्मान कार्ड से काट ली रकम
धरमपुरा के रहने वाले कैंसर मरीज जुगनू कश्यप (बदला हुआ नाम) ने बताया कि उनकी कीमोथैरेपी सोमवार को होनी थी, लेकिन दवाएं नहीं होने के कारण उन्हें वापस भेज दिया गया। जबकि करीब 10 दिन पहले उनके आयुष्मान कार्ड से रकम भी काट ली गई है। कीमोथैरेपी नहीं मिल पाने के कारण उनकी तकलीफ बढ़ गई है। जुगनू ने बताया कि उन्हें मुंह का कैंसर है। कई बार चक्कर काटने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है।

4 दिन से अस्पताल के चक्कर काट रहे
कुम्हारपारा की रहने वाली संगीता बघेल (बदला हुआ नाम) ने बताया कि उन्हें ब्रेस्ट कैंसर है, जिसके लिए उन्हें नियमित रूप से कीमोथैरेपी लेने की सलाह दी गई है। बीते करीब 4 दिनों से यहां चक्कर काटती चली जा रही हैं, लेकिन हर बार उन्हें ये कहा जाता है कि अभी दवाएं नहीं आईं हैं, जब आएंगी तो उनकी कीमोथैरेपी की जाएगी। नियमित रूप से मिली दवाओं के चलते वे पहले से ठीक थीं, अब फिर उनकी तकलीफ बढ़ रही है।

दवाओं के अभाव में नहीं मिल रही सुविधा: प्रभारी
महारानी अस्पताल के कैंसर डे-केयर यूनिट के प्रभारी डॉ. ऋषभ साव ने बताया कि दवाओं के अभाव में कीमोथैरेपी नहीं दी जा पा रही है। हालांकि दवाओं के लिए मांग की गई है, जिसके तहत सीएमएचओ के जरिए कलेक्टर से दवाएं मुहैया करवाने आग्रह किया गया है, लेकिन अब तक इस पर कोई भी पहल नहीं हो सकी है। कोशिश की जा रही है कि जल्द दवाएं मुहैया हो जाएं।

दवाओं के लिए टेंडर पास नहीं हुआ: डॉ. राजन
नॉन कम्युनिकेबल डिसीज प्रोग्राम के प्रभारी डॉ. डी. राजन ने बताया कि करीब ढाई महीने पहले दवाओं के लिए टेंडर जारी किया गया है। जब तक टेंडर पास नहीं हो जाता, तब तक यही परेशानी बनी रहेगी। हालांकि इमरजेंसी के तहत सीएमएचओ ने भी अपने स्तर पर प्रयास किया है, लेकिन जब तक टेंडर पास नहीं हो जाता, दवाओं की कोई व्यवस्था नहीं हो सकती।



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Chemotherapy is not being done in Maharani Hospital for a week, while Ayushman card was deducted


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