राजधानी में इस साल अब तक कड़ाके की सर्दी नहीं पड़ी। दिसंबर बीतने वाला है। महीने के आखिरी सप्ताह में भी रात का तापमान 10 डिग्री के ऊपर है। आमतौर पर दिसंबर में 20 तारीख के बाद तापमान गिरने से ठंड बढ़ जाती है। पिछले साल 30 दिसंबर को रायपुर का न्यूनतम तापमान सबसे कम 8.9 डिग्री था। इस साल अब तक पारा एक बार भी इसके आस-पास नहीं पहुंचा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार प्रदेश मंे इस समय हवा की दिशा पूरी तरह उत्तरी नहीं है।
हवा उत्तर-पूर्व दिशा से आ रही है। इस वजह से ठंड में कमी आ गई है। यही वजह है कि इस साल पारा 10 डिग्री से कम एक बार भी नहीं हुआ है, जबकि पिछले साल 30 दिसंबर को न्यूनतम तापमान सबसे कम 8.9 डिग्री पहुंचा था। इससे एक-दो दिन पहले तक पारा 10 डिग्री से नीचे चल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी हवा आने के कारण रात के तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है।
शनिवार को राजधानी में न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री रहा, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। दिन का तापमान भी 28.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा है। दिन व रात के तापमान में 16.6 डिग्री का अंतर है। इसी वजह से मौसम नरम-गरम जैसा है। इससे बच्चे व बुजुर्ग फ्लू तथा वायरल फीवर से पीड़ित हो रहे हैं। इसकी वजह रात की तुलना में दिन के तापमान काफी अंतर है। डाक्टरों का कहना है कि बीमारी न हो इसके लिए लोगों को जरूरी ऐहतियात करने होंगे।
जैसे रात में जरूरी हो, तभी घर से बाहर निकलें। गरम कपड़े पहनें व कान ढंके होने चाहिए। मॉस्क जरूर लगाएं, जिससे कोरोना का खतरा न रहे। सीनियर पीडियाट्रिशियन डॉ. शारजा फुलझेले व मेडिकल कंसल्टेंट डॉ. सुरेश चंद्रवंशी के अनुसार यह मौसम स्वास्थ्य बनाने का तो है लेकिन जरा सी लापरवाही भारी भी पड़ सकती है। कोरोना काल होने के कारण यह पिछली ठंड के मौसम से बिल्कुल अलग है। सर्दी, खांसी, बुखार का लक्षण दिखे तो विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं। देरी बिल्कुल भी न करें।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2KXZZhm
via
Comments
Post a Comment