जिले में चल रहे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत स्वीकृत कार्य के साथ विभागीय दिशा निर्देश, स्वच्छ भारत मिशन योजना एवं राजीव गांधी शिक्षा मिशन की समीक्षा सामान्य सभा की बैठक में की गई। गुरुवार को हुई बैठक में जिपं अध्यक्ष सुशीला रामकुमार भट्ट, सीईओ विजय दयाराम के. समेत जिपं सदस्य मौजूद थे।
सीईओ ने बताया कि नरेगा अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 में 58.82 लाख के विरुद्ध 65.18 लाख रुपए उपलब्धि हासिल की,जो लक्ष्य से 111 प्रतिशत रहा। कबीरधाम जिला राज्य में दूसरा स्थान पर रहा। वित्तीय वर्ष 2017-18 में 59.16 लाख के विरुद्ध 68.66 लाख अर्जित किया, जो 116 प्रतिशत रहा। वित्तीय वर्ष 2018-19 में 77.59 लाख के विरुद्ध 82.78 लाख व वित्तीय वर्ष 2019-20 में 81.14 लाख के विरुद्ध 84.29 लाख की उपलब्धि हासिल किया, जो की प्रदेश में तीसरा स्थान रहा। वर्ष 2016-17 एवं 17-18 में क्रमशः 60431, 23411 स्वीकृत कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में 18259 स्वीकृत कार्य के विरुद्ध 98.66 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 11980 कार्य के विरूद्ध 53 प्रतिशत कार्य एवं चालू वित्तीय वर्ष में 54.65 कार्य में 36 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। चालू वित्तीय वर्ष में पूर्ण हुए कार्य में राज्य में प्रथम स्थान है।
प्रदेश में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला जिला बना: चालू वित्तीय वर्ष में अब-तक 143 करोड़ 74 लाख रुपए का भुगतान महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत किया गया है। इसमें 86 करोड़ 74 लाख रुपए मजदूरी पर व्यय किया है। यह भी अवगत कराया गया कि कबीरधाम जिला प्रदेश में सर्वाधिक परिवारों को 100 दिवस का रोजगार देने में निरंतर प्रथम स्थान पर बना हुआ है। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने चर्चा करते हुए सुझाव दिया की वित्त वर्ष 2020-21 में महात्मा गांधी नरेगा योजना में अधिक से अधिक कार्यो की स्वीकृति पूर्व से कर लिया जाए, जिससे की ग्रामीणों को उनके मांग पर काम शुरू कर रोजगार दे सकें।
अलग-अलग गांव में शौचालय निर्माण का कार्य जारी
ओडीएफ प्लस के अंतर्गत 8 मानकों के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में कार्रवाई की जा रहीं है। बेस लाईन सर्वे में छूटे हुए परिवारों के घरों में शौचालय निर्माण की जानकारी देते हुए बताया गया कि 1029 परिवारों को शौचालय निर्माण कर लाभान्वित किया गया है। पंचायत चोरभट्टी, कापादाह, दशरंगपुर व उड़ियाखुर्द में राजपथ के पास सामुदायिक शौचालय निर्माण का कार्य हाइवे सामुदायिक स्वच्छता परिसर के तहत किया जा रहा है, जो कि 5 लाख रुपए प्रति नग के हिसाब से चारों स्थान के लिए 20 लाख रुपए स्वीकृत है।
ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर भी कर रहे फोकस
राष्ट्रीय अभिकरण अधिसूचित ग्राम पंचायत के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ग्राम भागूटोला, सेन्हाभाटा एवं तालपुर में केन्द्र का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया गया है। वर्ष 2019-20 में स्वीकृत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्य के संबंध में सामान्य सभा में बताया कि कुल 77 कार्य में से 76 पूर्ण कर लिए हंै। एक काम प्रगति पर है। महिला माहवारी स्वच्छता प्रबंधन कार्य एवं पंचायतों में स्वीकृत सामुदायिक शौचालय के संबंध में चर्चा की गई।
स्कूल में यूनिफॉर्म वितरण से संबंधित जानकारी दी गई
डीईओ ने बताया कि शाला प्रबंधन समिति, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, निशुल्क ड्रेस की आपूर्ति, कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास, व अन्य विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। जिले में निःशुल्क पाठ्यपुस्तक के लिए 15386 मांग के विरुद्ध सभी विद्यार्थियों को वितरित किया जा चुका है। निःशुल्क यूनिफॉर्म वितरण के लिए जिला में प्राइमरी व मिडिल स्कूल के लिए कुल 1 लाख 22775 का लक्ष्य था, जिसके विरूद्ध 2 लाख 45550 वितरित कर चुके हैं।
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