खदान से बिना लोडिंग के 200 रुपए प्रति घन मीटर के दाम पर रेत देने का विरोध कर रहे ट्रांसपोर्टरों और ठेकेदार के प्रतिनिधि के बीच शुक्रवार देर शाम स्थानीय सर्किट हाउस में हुई बैठक बेनतीजा रही।
लगभग पौन घंटे चली बैठक में खदान ठेकेदार का प्रतिनिधि खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने का भरोसा दिलाकर ट्रांसपोर्टरों पर कच्ची रसीद (बिना पिट पास के) में रेत का परिवहन करने के लिए दबाव बनाता रहा।
ट्रांसपोर्टर्स ने शासन काे राजस्व का नुकसान हाेने का हवाला देते हुए कच्चे (बिना पिट पास के) में काम करने से साफ इंकार कर दिया। वे अभिवहन पास पर लोडिंग के साथ तय सरकारी दर 173.60 पैसे प्रति घन मीटर पर रेत देने की बात पर अड़े रहे। ठेकेदार के प्रतिनिधि ने ट्रांसपोर्टर्स से सोमवार तक का वक्त मांगा। इधर ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल शनिवार को चौथे दिन भी जारी रही। जिला मुख्यालय के सुपनार स्थित रेत खदान में शनिवार को भी कोई ट्रांसपोर्टर नहीं पहुंचा।
कच्चे में चलेगा तभी दो पैसा बचेगा
शुक्रवार शाम सर्किट हाउस में ठेकेदार के प्रतिनिधि और ट्रांसपोर्टर्स की बैठक में हुई बातचीत की वीडियो रिकार्डिंग परिवहनकर्ताओं ने भास्कर को उपलब्ध कराई है। वीडियो में ठेकेदार का प्रतिनिधि ट्रांसपोर्टर्स को कच्ची रसीद से 400 रुपए में रेत परिवहन करने को कह रहा है। ट्रांसपोर्टर बिना अभिवहन पास के रेत परिवहन करने पर खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई किए जाने की बात कह रहे हैं लेकिन ठेकेदार का प्रतिनिधि कह रहा है कि माइनिंग के अफसर अगर कार्रवाई करेंगे तो मैं बैठा हूं, पकड़ने नहीं दूंगा, जाकर उनसे भिड़ जाऊंगा।
बिना डरे कच्ची में काम करें। आपका कोई यूनियन है तो मैं उसमें 25 हजार एडवांस में जमा कर देता हूं। कार्रवाई होने पर उस पैसे से फाइन पटा देना। कच्ची में चलेगा तभी दो पैसा बचेगा। मेरा और अपना नुकसान क्यों करा रहे हो भाई। परिवहनकर्ताओं ने बताया कि रेत खदान ठेकेदार के प्रतिनिधि ने अपना नाम जे राव बताया। जबकि खदान की लीज राकेश साहू के नाम से है।
रेत खदान ठेका निरस्त करने की मांग को लेकर भाजपा देगी धरना: जिलाध्यक्ष हुंगाराम
इधर भाजपा जिलाध्यक्ष हुंगाराम मरकाम ने शुक्रवार को कहा कि राजनीतिक संरक्षण में रेत खदान ठेकेदार द्वारा ट्रांसपोर्टर्स से तय सरकारी दर से दोगुने से भी ज्यादा कीमत वसूली जा रही है। लोडिंग के साथ 173.60 रुपए प्रति घन मीटर की जगह बिना लोडिंग के ही ट्रांसपोर्टरों 200 रुपए लेना गलत है। ट्रांसपोर्टरों को बिना लोडिंग प्रति ट्रैक्टर तीन घन मीटर रेत 800 रुपए में लेने को मजबूर किया जा रहा है।
बाजार में यह रेत 1200-1500 रुपए में बिक रही है। इसके अलावा अवैध तरीके से पड़ोसी राज्य में रेत की सप्लाई की जा रही है। इससे निर्माण कार्य की लागत बढ़ने से आम लोग परेशानी हो रही है। हुंगाराम ने रेत खदान ठेकेदार के खिलाफ ठेका निरस्त की कार्रवाई नहीं होने भाजपा द्वारा धरना प्रदर्शन तेज किए जाने की बात कही है।
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