कोरोनाकाल के बीच इन दिनों शादियों का दौर चल रहा है। इस कोरोनाकाल ने शादियों के तौर तरीकों को थोड़ा बदल दिया है, रस्में वही हैं लेकिन अपनों की कमीं है। लेकिन इस बीच वीडियो कॉल ही शादी की तमाम रस्मों में रिश्तेदारों और परिचितों को जोड़ने का जरिया बन रहा है। सोमवार को भी ऐसा ही हुआ।
गीदम में जगदलपुर के पोटानार से आई बारात में सीमित संख्या में बाराती पहुंचे। दूल्हा शिवाय जैसे ही मंडप पर पहुंचा, खुद ही मोबाइल ऑन कर शादी की रस्में दिखानी शुरू कर दीं। रिश्तेदारों ने बताया कि कोरोना के कारण संख्या सीमित नहीं होती तो सभी लोग बारात में जरूर पहुंचते।
ऑनलाइन गिफ्ट भेज रहे: गीदम की रहने वाली रुचि गुप्ता, नीतू शिवहरे, विनीता शिवहरे ने बताया कि भाई की शादी है। सभी रिश्तेदार उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश में रहते हैं। कोरोनाकाल के कारण कोई भी नहीं आ सका। सभी रिश्तेदारों का सोशल मीडिया में एक ग्रुप बनाया। जिसमें हर दिन की रस्में ग्रुप वीडियोकॉल या वीडियो भेजकर दिखाई जा रही है। हल्दी, मेहंदी, मंडप, संगीत, बारात निकासी की अदा की गई सारी रस्में ऐसे ही दिखाई गईं।
बाकायदा इसके लिए परिवार के एक सदस्य को जिम्मेदारी दी गई, ताकि कुछ भी न छूटे। आशीर्वाद स्वरूप गिफ्ट भी कई लोग ऑनलाइन ही भेज रहे हैं। रुचि ने बताया जो रिश्तेदार नहीं पहुंचे उन्हें मिठाइयां भी ऑनलाइन भेजेंगे। बारात में जबलपुर सभी नहीं जा सके। लेकिन वीडियो कॉल पर ही
सारी रस्में देखेंगे। कोरोनाकाल में ऐसे प्रयोग कर नियमों का पालन भी किया जा रहा है।
बारातियों के लिए मास्क सैनिटाइजर भी रख रहे
इधर जिस घर से बारात जा रही, वहां से बारातियों के लिए मास्क और सैनिटाइजर का इंतज़ाम भी घर वाले खुद ही कर रहे हैं। जागेश्वर गुप्ता ने बताया कि बेटे की बारात में जितने भी लोग जा रहे हैं उनके लिए पर्याप्त मास्क-सैनिटाइजर की व्यवस्था की हुई है। शादी के सभी महत्वपूर्ण सामानों के अलावा इसे प्राथमिकता के तौर पर रखा गया। ताकि गाइडलाइन का पूरा पालन हो व संक्रमण से बचा जा सके।
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