किशोरी बालिकाओं व महिलाओं के व्यक्तिगत स्वच्छता के लिए सैनेटरी पैड आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता था। प्रशिक्षण के अभाव में व्यक्ति गत स्वच्छता के बारे में खुलकर चर्चा करना संभव नहीं था, लेकिन अब कपड़ा मुक्त व सेनेटरी पैड युक्त भारत बनाने की दिशा में कार्य करने के लिए महिला समूहों को रिवॉल्विंग फंड उपलब्ध कराया गया है। जिससे अब समूह की महिलाएं उच्च क्वालिटी की प्रमाणित सैनेटरी पैड का क्रय कर ग्रामीण अंचल के प्रत्येक गांवों तक पहुंचा रही है। जिससे व्यक्तिगत स्वच्छता को बढ़ावा मिल रहा है।
जिला प्रशासन के माध्यम से महिला समूहों को प्रशिक्षण मिलने के बाद महिलाएं निःसंकोच सैनेटरी पैड की उपयोगिता पर चर्चा करती है। ब्लाॅक के सभी स्वच्छाग्राही समूहों के पास सैनेटरी पैड की उपलब्धता है। मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन महत्व के विषय पर ग्राम पंचायत खरथुली व भीमकन्हार में कृष्णा दल व गोदावरी दल की महिलाएं शामिल होकर मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने व गांव-गांव में किशोरी बालिकाओं को जागरूक करने संकल्प लिया।
मासिक धर्म अभिशाप नहीं बल्कि वरदान है: सिन्हा
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के संकुल समन्वयक गौतम सिन्हा ने बताया कि महिलाओं व किशोरी बालिकाओं के व्यक्तिगत स्वच्छता के बारे में जानकारी दी जा रही है। सभी ने तालियां बजाकर सेनेटरी पैड उपयोग करने व गांव में किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को जागरूक करने का भरोसा दिलाया। सिन्हा ने महिलाओं को मासिक धर्म के विषय पर कहा कि मासिक धर्म अभिशाप नहीं बल्कि वरदान है। मासिक धर्म आने पर ही महिलाएं मातृत्व का सुख प्राप्त कर सकती है।
मासिक धर्म अभिशाप नहीं बल्कि वरदान है: सिन्हा
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के संकुल समन्वयक गौतम सिन्हा ने बताया कि महिलाओं व किशोरी बालिकाओं के व्यक्तिगत स्वच्छता के बारे में जानकारी दी जा रही है। सभी ने तालियां बजाकर सेनेटरी पैड उपयोग करने व गांव में किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को जागरूक करने का भरोसा दिलाया। सिन्हा ने महिलाओं को मासिक धर्म के विषय पर कहा कि मासिक धर्म अभिशाप नहीं बल्कि वरदान है। मासिक धर्म आने पर ही महिलाएं मातृत्व का सुख प्राप्त कर सकती है।
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