301 करोड़ की अमृत मिशन योजना के कार्य में लेटलतीफी के चलते लोगों को खुदी हुई सड़कों तथा पाइप लाइन फूटने से जल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। योजना का काम 13 महीने लेट चल रहा है। वहीं कार्य में गड़बड़ घोटाले की शिकायतें निरंतर मिल रही हैं। इसकी जांच में यह मामला सही पाया गया। पार्षद विजय ताम्रकार की शिकायत पर 17 जुलाई को देवकीनंदन चौक से बृहस्पति बाजार के बीच सड़क खोदने के बाद उसके सुधार के नाम पर अनियमितता की गई थी।
इसकी जांच स्वयं अधीक्षण अभियंता ने की, जिसमें उन्होंने मौके पर 90 फीसदी मिट्टी और 10 फीसदी रेत की फिलिंग करना पाया। जबकि रेत का अनुपात अधिक होना चाहिए था। इसी प्रकार पाइप लाइन बिछाने के दौरान सड़कों की लापरवाहीपूर्ण खुदाई से पेयजल की पाइप लाइन को लगातार क्षति पहुंच रही है। यह बात भी देखने में आई कि पाइप लाइनों की रिपेयरिंग प्लॉस्टिक पाइप से की जा रही है, जिसके कारण वह बार बार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं और उससे सप्लाई प्रभावित हो रही है।
हाल ही में जूना बिलासपुर में इसका मामला सामने आया, जिसमें लाखों लीटर पानी सड़कों पर बहता रहा। अधीक्षण अभियंता ने 1 दिसंबर को एल्डरमैन अखिलेश गुप्ता की उपस्थिति में मामले की जांच कर इसका पंचनामा तैयार किया। इसके बाद ठेकेदार इंडियन ह्यूम पाइप पर एक लाख रुपए का जुर्माना तथा रिपेयरिंग में खर्च 15 हजार रुपए अलग से वसूलने के निर्देश दिए गए।
अधीक्षण अभियंता की जांच के बाद ईई, जोन कमिश्नर और सब इंजीनियर को नोटिस
आधिकारिक जानकारी के अनुसार जूना बिलासपुर में अमृत मिशन के कार्य के दौरान 3 महीने पहले एसी पाइप फूटने की जानकारी दी गई। इसकी रिपेयरिंग प्लास्टिक पाइप से की गई, जो ट्रैफिक के दबाव से फूट गई। 30 नवंबर को इसी वजह से सड़कों पर पानी बहता रहा। नल जल विभाग ने इसकी रिपेयरिंग कर मौके पर जीआई पाइप लगाई ताकि वह दोबारा क्षतिग्रस्त न हो।
अधीक्षण अभियंता ने मामले की जांच के बाद अमृत मिशन के नोडल अधिकारी एवं ईई पीके पंचायती, जोन कमिश्नर प्रवीण शुक्ला एवं सब इंजीनियर रमनदीप सिंह छाबड़ा को नोटिस भेजा है। वहीं नोडल अधिकारी को ठेकेदार इंडियन ह्यूम पाइप के कार्यों की मानिटरिंग करने वाली एजेंसी आईपी ग्लोबल के विरुद्ध नोटिस देने के निर्देश दिए गए।
आरोप है कि इंडियन ह्यूम पाइप के कार्य के दौरान न तो नगर निगम और न ही आईपी ग्लोबल के इंजीनियर पर मौके पर उपस्थित रहते हैं। इसके चलते कार्य के दौरान अनियमितताओं पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। बताया जाता है कि आईपी ग्लोबल पर सूडा, रायपुर का सीधा नियंत्रण है, इसलिए निगम के अधिकारी उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।
नाली के पानी से हाइड्रो टेस्टिंग का मामला
निगम चुनाव के पहले तालापारा में नाली के पानी से हाइड्रो टेस्टिंग का मामला सुर्खियों में आ चुका है। उस वक्त तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष शेख नजीरुद्दीन ने इसकी शिकायत की थी। इंडियन ह्यूम पाइप के कर्मचारी को बिछाई गई पाइप लाइन की टेस्टिंग के लिए आधी रात को नाली में मोटर लगाकर पानी खींचते पकड़ा गया था। इसके बाद निगम प्रशासन ने ठेकेदार को स्वच्छ पानी से हाइड्रो टेस्टिंग करने के निर्देश दिए।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/36BnMMe
via
Comments
Post a Comment