सड़क पर फेंके जाने वाला, घरों से निकलने वाला कचरा अब आमदनी और आजीविका का साधन बन गया है। जिले की 88 ग्राम पंचायतों की स्वच्छताग्रही महिलाओं द्वारा जब डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण किया गया एवं चौक चौराहों पर फैले कचरे को संगठित कर उसे साफ करके उसका पृथक्करण कर विक्रय किया गया तो लगभग हर समूह ने 34 हजार 360 रुपए की कमाई कर ली।
जिले की ग्राम पंचायत आस्ता, मनोरा,डडगांव, जशपुर, गम्हरिया, दुलदुला कंसाबेल, पोगरो, इंजको, पकरगांव, तपकरा, पंडरीपानी, कुर्रोग, जुजगु चराईडांड, नारायणपुर, केरडीह कांसाबेल, पंडरीपानी विभिन्न पंचायतों में स्वच्छग्रहियों द्वारा कचरे को बेचकर राशि अर्जित की स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत जिले की 88 ग्राम पंचायतों में लगभग 9 हजार महिलाओं द्वारा का कचरा संग्रहण, पृथक्करण किया जा रहा है। साथ ही स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है। कचरे से कंचन एवं कचरा को एक रिसोल्स के रूप में देखना महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
जशपुर की 12 पंचायतों से 44 हजार रुपए की कमाई
सभी पंचायतों में कचरा संग्रहण एवं पृथक्करण कर में ग्राम पंचायतों में निवासरत ग्रामीणों द्वारा स्वच्छताग्रहियाें की मेहनत को देखते हुए प्रति घर 10 रुपए की दर से दिया जा रहा है। साथ ही बाजार स्थलों की सफाई करने के बाद भी दुकानदारों द्वारा इनकी स्वच्छता गतिविधियों को देखकर स्वच्छता शुल्क के रूप में मात्र 20 रुपए दिया जाता है। इस यूजर चार्जर से महिला समूहों ने 1 लाख 42 हजार की कमाई कर ली है। जनपद पंचायत जशपुर की 12 ग्राम पंचायतों से लगभग 44 हजार रुपए का यूजर चार्ज, मनोरा से 11 हजार 290 रुपए, पत्थलगांव से 4 हजार, फरसाबहार से 21 हजार, बगीचा से 9 हजार और दुलदुला से 34 हजार, कुनकुरी से 61 हजार, कांसाबेल से 12 हजार रुपए यूजर चार्ज इकट्ठा हुआ है।
नए पंचायतों में भी स्वच्छता अभियान शुरू किया जाएगा
"हर गांव-गली को साफ रखने की यह मुहीम आगे भी जारी रहेगी और इसके बेहतर परिणाम इसी तरह से सामने आते रहेंगे। गांव की तस्वीर और बदलेगी। अब कई नए पंचायतों में भी स्वच्छता का यह अभियान शुरू किया जाएगा।''
-केएस मंडावी, सीईओ, जिला पंचायत
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