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दो दिन में 408 किसानों ने डायल-112 में दर्ज करायी शिकायत, ज्यादातर किसानों ने कहा- बड़े एरिया में खेती की, लेकिन कम हो रही धान खरीदी

डायल-112 में गुरुवार की शाम 6 बजे तक केवल 36 घंटे में किसानों ने 408 शिकायतें दर्ज करायीं। किसी ने कहा उनकी 25 हेक्टेयर की खेती है। केवल 19 हेक्टेयर की खरीदी की जा रही है। किसी ने फोन पर बताया उनकी पथरीडीह की डेढ़ एकड़ जमीन को दर्ज नहीं किया गया है। इस कारण ऑनलाइन दिखा नहीं रहा। इसलिए उनके धान की खरीदी नहीं हो पा रही है। डायल-112 के कंट्रोल रूम से तुरंत ही संबंधित विभाग को शिकायत ट्रांसफर कर दी गई। उसके साथ ही शिकायतों के निराकरण के प्रयास शुरू कर दिए गए। सरकार ने धान खरीदी के दौरान किसानों की शिकायतों को तुरंत दूर करने के लिए डायल-112 को किसानों की शिकायत से जोड़ दिया है। ताकि स्पाॅट से ही किसान अपनी समस्या बता सकें। शुक्रवार को सुबह 9 बजे से सुविधा शुरू की गई और थोड़ी ही देर के बाद फोन आने शुरू हो गए। पहले दिन रायपुर में 36 शिकायतें दर्ज की गई थीं, जबकि पूरे प्रदेश में शुक्रवार की शाम तक 408 किसानों से फोन पर अपनी समस्या बतायी। शेष|पेज 8

किसानों के कॉल सिविल लाइंस स्थित कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सिस्टम पर दर्ज की जा रही हैं। यहां से संबंधित जिलों के कंट्रोल रूम में शिकायतें ट्रांसफर की जा रही है। हर जिले के कंट्रोल रूम में पुलिस के अलावा जिला और खाद्य विभाग के अफसरों की ड्यूटी 24 घंटे की लगायी गई है। अफसर शिकायतों के अनुसार उसे दूर करने की प्रक्रिया कर रहे हैं।

राजधानी में किस तरह की शिकायतें
केस-1 - रकबा ही कर दिया कम

अभनपुर सिवनी के किसान रितु कुमार ने शिकायत दर्ज करायी है कि उनकी 25 हेक्टेयर की खेती है। मंडी में सिर्फ 19 हेक्टेयर खेती के हिसाब से धान की खरीदी की जा रही है। उनका रकबा कम होने से उनके लिए अपना बाकी धान बेचना समस्या हो जाएगा। वे कहां ले जा कर अपना धान बेचेंगे।
केस-2 - खाते में नहीं बेच पा रहे धान
संकरी के किसान महेश कुमार ने अपनी शिकायत में कहा है कि में वे अपने खाते में धान नहीं बेच पा रहे है। मंडी में मौजूद अफसरों और बाकी स्टाफ ने उनका धान खरीदने से ही मना कर दिया है। वे मंडी धान बेचने लेकर आए थे। अब उनका पूरा धान मंडी में ही रखा हुआ है।
केस-3 - जमीन नहीं की गई ऑनलाइन
धरसींवा के सोंदरा मंडी से एक किसान ने शिकायत दर्ज करायी है कि उनकी पथरीडीह की डेढ़ एकड़ जमीन है। उसे रिकार्ड में ही दर्ज नहीं किया गया है। इस वजह से उनकी जमीन का रिकार्ड ऑनलाइन नहीं दिखा रहा। इस तकनीकी त्रुटि के कारण उनके धान की खरीदी नहीं की जा रही है।

किसानों को मोबाइल पर दी जा रही सूचना: किसान की शिकायत पर अमल शुरू होते ही उनके मोबाइल पर मैसेज भेजकर बताया जा रहा है कि उनकी शिकायत दर्ज कर ली गई है। शिकायत दूर करने के लिए कहां भेजी गई है? यह भी मोबाइल मैसेज के जरिये बताया जा रहा है।

112 पर मिली हर शिकायत का 24 घंटे में निदान करने के निर्देश
सीएम भूपेश बघेल ने डायल-112 पर जो भी शिकायतें आ रही हैं, उसका 24 घंटे में निदान करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए ऐसी व्यवस्था बनाई गई है, जिससे संबंधित व्यक्ति तक शिकायत पहुुुंचे और तत्काल उस दिक्कत को दूर किया जा सके। किसान 112 पर अपनी शिकायत बताएंगे, उनका कॉल स्टेट कंट्रोल रूम में भी कनेक्ट होगा। इस तरह गिरदावरी या रकबे में कमी से लेकर अन्य तरह की कोई भी शिकायत हो तो उसका न्यूनतम समय पर हल निकाला जा सकेगा। वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी मॉनिटरिंग करने कहा गया है, जिससे किसी तरह की लापरवाही न हो सके।



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In two days, 408 farmers lodged complaint in dial-112, most farmers said - cultivated in large area, but less paddy was purchased


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