अपने जिगर के टुकड़ों को बचाने के लिए बहादुर मां दो भालुओं से भिड़ गई। वह जब तक होश में रही बच्चों को बचाने भालुओं से संघर्ष करती रही। इस दौरान जब वह बेहोश हो गई तो भालू उसे छोड़कर चले गए। सुकून वाली बात यह रही कि एक मां के साहस के आगे भालू उसके दो जुड़वा मासूम बच्चों का बाल भी बांका नहीं कर सके। बताया जा रहा है कि मनेंद्रगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत महाई के ग्राम रतौरा में रहने वाली 22 वर्षीय प्रेमवती पति नृपद सिंह बुधवार दोपहर 2 बजे घर से कुछ दूरी पर खेत में अपने दो वर्षीय जुड़वा बच्चों के साथ बकरी चरा रही थी। इसी दौरान दो भालू अचानक से वहां पहुंच गए। उसने अपने दोनों बच्चों को दौड़कर घर की ओर धकेल दिया। वहीं पीछे पड़े भालुओं को रोकने के लिए वह उनसे भिड़ गई। इस दौरान भालू उस पर हमला करते रहे। जब तक वह होश में रही चीख-पुकार के साथ वह भालुओं से संघर्ष करती रही। फिलहाल उसकी चीख पुकार सुनकर आसपास कोई मौजूद नहीं था, इसलिए मौके पर नहीं पहुंचा। इस बीच जब वह बेहोश हो गई तब भालू भी उसे छोड़कर चले गए। इसके कुछ देर बाद लोग उधर पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई। भालुओं के हमले से महिला के कमर, हाथ व शरीर के कई हिस्से जख्मी हुए हैं। घायल को निजी वाहन से सीएचसी मनेंद्रगढ़ में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज किया जा रहा है। वहीं घटना के 24 घंटे बाद भी वन विभाग की ओर से घायल महिला कोई तात्कालिक सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई है।
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