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23 प्रकार के अपराधों में डकैती, चोरी, लूट, दहेज हत्या, आगजनी, छेड़खानी के केस हर साल बढ़े

पुलिस के 23 प्रकार के अपराध में डकैती चोरी, लूट, दहेज हत्या, आगजनी, छेड़खानी और मारपीट की घटनाओं का आंकड़ा हर साल बढ़ रहा है। पुलिस के पिछले तीन साल के आंकड़ों पर गौर करें तो इस दौरान हर साल इन प्रकरणों में एफआईआर ज्यादा हुए। सबसे बड़ी बात यह रही कि इस साल 2020 में 7 डकैतियां हुईं जबकि 2018 और 2019 में यह संख्या शून्य रहा। हत्या के केस में कुछ कमी जरूर आई है पर तीन साल का औसत करीब-करीब बराबर ही रहा। हर साल 50 से अधिक हत्याएं हुईं। यही हाल दुष्कर्म का रहा। हर साल औसत 111 केस दुष्कर्म के दर्ज किए गए। तीन साल में 2244 चोरियां हुई हैं। इनमें 2018 में 819 एफआईआर हुए। इसी तरह 2019 में 783 और 2020 में 642 केस रजिस्टर्ड किए गए।

लूट के 10-10 केस बढ़े, तीन साल में 151 बने शिकार
तीन साल में लूट के मामले भी बढ़े। पुलिस रिकार्ड में हर साल 10-10 केस अधिक दर्ज किए गए। सबसे अधिक महिलाओं के साथ लूटपाट की गई। 2018 में 40 लोगों के साथ छीनाझपटी हुई थी। 2019 में बढ़कर यह 52 हो गई और 2020 में अभी तक 59 केस दर्ज किए जा चुके हैं जबकि अभी माह बीतने में हफ्तेभर का समय है। इन तीन साल में 151 लोगों से लूटपाट की गई।

अमानत में खयानत करने के 42 केस दर्ज
पिछले तीन साल में जिले के विभिन्न थानों में अमानत में खयानत के 42 केस दर्ज किए गए। इनमें 2018 में 13, 2019 में 12 और 2020 में 17 प्रकरण शामिल हैं। कुल 42 लोगों ने अपने साथ हुए पैसों के लेनदेन में विश्वासघात करने की एफआईआर दर्ज कराई।

महिला संबंधी अपराधों में नहीं आई कमी
2018 से 2019 तक तीन साल में महिला संबंधी अपराध भी बढ़े। दहेज मौत के मामले में 2020 में सबसे अधिक घटनाएं हुई। इस दौरान 10 लोगों की दहेज के नाम पर हत्या कर दी गई। 2018 में यह संख्या 16 और 2019 में 08 रही। तीन साल के भीतर 24 महिलाओं को या तो जलाकर मार डाला गया या प्रताड़ना से उन्होंने खुदकुशी कर ली। छेड़खानी में भी कमी नहीं आई। पहले साल 16 दूसरे साल 22 और तीसरे साल 29 केस दर्ज किए गए।

अपराध में कमी, एसपी का दावा
एसपी प्रशांत अग्रवाल के मुताबिक कुछ मामलों में जरूर प्रकरण बढ़े हैं पर कुछ में कमी जरूर आई है। तीन साल में चोरी,धोखाधड़ी,अपहरण,दुष्कर्म के केस काफी कम हुए। 2018 में 6359 केस दर्ज हुए थे जबकि 2019 में संख्या 6473 रही और अब 2020 में केवल 6204 केस ही रजिस्टर्ड हुए। इसमें पुलिस का एक पहलू यह भी है कि हमने थानों से किसी को लौटाया नहीं इसलिए आंकड़े बढ़ गए हैं।



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The cases of robbery, theft, robbery, dowry murder, arson, molestation in 23 types of crimes increase every year.


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