प्रदेश में पिछले 212 दिनों से 15.44 की औसत से रोज 15 से ज्यादा मरीजों की मौत कोरोना से हो रही है। रायपुर में रोज 3 मौतों का औसत बरकार है। इस माह दिसंबर में तो 11 से 17 दिसंबर के बीच जितनी मौतें हुईं हैं, उसमें 28 फीसदी मौत ऐसे मरीजों की हुई जो देरी से अस्पताल पहुंचे। सर्दी, खांसी, बुखार और सांस में तकलीफ होने के बावजूद लोग जांच नहीं करवा रहे हैं। इस वजह से प्रदेश में गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
मौत के आंकड़ों की समीक्षा के बाद प्रशासन ने लक्षण दिखने पर 24 घंटों के भीतर जांच जरूरी करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेश में मृत्युदर 1.19 फीसदी व राजधानी में 1.36 फीसदी है। यानी राजधानी में मृत्युदर प्रदेश से ज्यादा है। देश में मृत्युदर 1.44 है, जो छत्तीसगढ़ से ज्यादा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लक्षण दिखते ही जांच कराने से आधी से ज्यादा मौत रोकी जा सकती है। इसके लिए लोगों को भी जरूरी ऐहतियात बरतनी होगी। लक्षण दिखते ही तत्काल कोरोना जांच करानी होगी।
स्वास्थ्य विभाग पहले ही 24 घंटे के भीतर जांच कराने का आदेश जारी कर चुका है, पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा है। कोरोना डेथ ऑडिट कमेटी हर सप्ताह मौतों के कारणों की समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार कर रही है। उसी समीक्षा रिपोर्ट में देरी से अस्पताल पहुंचने की लापरवाही सामने आई है। डेथ कमेटी ने पाया कि 11 से 17 दिसंबर के बीच अस्पताल में जितनी मौतें हुईं, उनमें 28 फीसदी केवल देर से अस्पताल पहुंचने के कारण हुई है।
समीक्षा रिपोर्ट में बताया गया है कि कोरोनों के साफ लक्षण होने के बाद भी लोग जांच नहीं करवा रहे हैं और हालत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंच रहे हैं। कमेटी ने यह भी पाया कि 48 घंटे के भीतर 12 फीसदी व दो-तीन के अंदर 6 फीसदी मरीजों की काेरोना से जान गई। उम्र के लिहाज से 60 वर्ष के मरीजों में केस फेटलिटी रेट 4.45 फीसदी है, जबकि 45-59 उम्र में यह 0.92 फीसदी रहा।
यानी बुजुर्गों में मृत्युदर ज्यादा है। डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्गों का खास ध्यान रखा जाए। सर्दी, बुखार, थकान, उल्टी- दस्त, भूख न लगने आदि के लक्षण दिखने पर तत्काल जांच कराएं। मेडिकल स्टोर से खुद दवाई लेकर न खाएं। इससे काफी हद तक काेराेना से हाेने वाली मृत्यु कम की जा सकती है।
ब्रिटेन से आए 49 लोगों की जांच, रायपुर के 14 में से 13 निगेटिव
प्रदेश में बीते एक माह में आए 102 में से 49 लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इनमें से केवल तीन की ही रिपोर्ट ही पॉजिटिव आई है। रायपुर में आए 33 लोगों से संपर्क साध लिया है। 9 दिसंबर के बाद 25 ही ऐसे लोग थे, जो ब्रिटेन से रायपुर आए। इनमें से भी केवल 14 ही ऐसे थे जो राजधानी में ही रहे। शेष 11 अन्य जिलों या प्रदेश में चले गए। राहत की बात है कि 13 की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है। केवल एक बच्चे की रिपोर्ट आनी शेष है।
- 9 दिसंबर के बाद ब्रिटेन से रायपुर आए - 25
- रायपुर में ही रह गए - 14
- अन्य प्रदेश जिलों में चले गए - 11
- जांच हुई - 14
- निगेटिव - 13
- वेटिंग रिपोर्ट - 01
दिसंबर में 41 हजार से ज्यादा ठीक,1045 नए केस
प्रदेश में शनिवार को कोरोना के 1045 नए संक्रमित मिले हैं। इसमें रायपुर जिले के 173 केस शामिल हैं। पिछले 24 घंटे में राजधानी की एक समेत 12 मौत हुई है। रायपुर जिले में सर्वाधिक 6 हजार से अधिक सक्रिय केस हैं। इसके बाद दुर्ग में 13 सौ, राजनांदगांव में 12 सौ से ज्यादा एक्टिव मरीज हैं।
18 जिलों में सक्रिय मरीजों की संख्या सौ से सात सौ के बीच है। दिसंबर के 26 दिन में 41 हजार से अधिक मरीज अस्पताल या घर में इलाज के बाद स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। इसकी वजह से रिकवरी रेट बढ़कर 94 प्रतिशत के आस-पास पहुंच गया है।
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