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पटवारी के 20% पद रिक्त होने से कामकाज प्रभावित

जिले में पटवारी के 220 पद स्वीकृत हैं, जिसमे से 43 पद रिक्त पड़े हैं। जिले में पटवारी भर्ती सत्र 2012-13 में हुई थी। इसके बाद 2018 में पटवारी भर्ती राज्य स्तर पर हुई थी, लेकिन कांकेर जिले में पटवारी की भर्ती नहीं हो पाई थी। कांकेर जिले में पटवारी के सबसे ज्यादा पद पखांजूर तहसील में रिक्त हैं।
पखांजूर में पटवारी के 47 पद स्वीकृत हैं, जिसमे से 13 पद रिक्त पड़े हैं। नरहरपुर विकासखंड में पटवारी के 35 पद स्वीकृत हैं, जिसमे से 11 पद रिक्त हैं। अंतागढ़ में पटवारी के 25 पद स्वीकृत हैं, जिसमे से 6 पद रिक्त पड़े हैं। कांकेर में पटवारी के 33 पद स्वीकृत हैं, जिसमे से 5 पद रिक्त हैं। दुर्गूकोंदल में पटवारी के 22 पद स्वीकृत हैं, जिसमे से 5 पद रिक्त हंै। चारामा में 31 पटवारी पद स्वीकृत हैं, जिसमे से तीन पद रिक्त हंै। भानुप्रतापपुर में पटवारी के 27 पद स्वीकृत हैं, जो सभी पद भरे हुए हैं। पटवारी का पद रिक्त होने से राजस्व संबंधित कामकाज प्रभावित हो रहा है। पटवारी का काम गिरदावरी कार्य, फावती, नामांतरण, धान पंजीयन, आधार शीडिंग, भूअभिलेख, सीमांकन, जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र बनाना होता है। कई पटवारी तो दो से तीन हल्का का काम कर रहे हैं, जिससे उन पर काम का लोड बढ़ने से कामकाज प्रभावित हो रहा है।

शासन को भेज दी है जानकारी: मंडावी
कांकेर भू अभिलेख शाखा अधीक्षक आरसी मंडावी ने कहा जिले में पटवारी के 43 पद रिक्त हैं। रिक्त पदों की जानकारी हमेशा शासन को भेजी जाती है। पटवारी की भर्ती शासन स्तर से होनी है।



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