पार्रीनाला चौक डेंजर जोन बन गया है। यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोगों की जान भी जा रही है। बावजूद इसके जिला प्रशासन और फोरलेन निर्माण कंपनी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं कर पा रही है। शुक्रवार को कार की चपेट में आने से सुरगी निवासी महिला की मौत के बाद चक्काजाम हुआ। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए निर्माण कंपनी की ओर से सुरक्षा इंतजाम का दिखावा करते हुए चौक के पास स्टॉपर लगाए गए और झाड़ियों की सफाई कराई गई।
स्थिति यह है कि शनिवार को भी चौक पर एक ट्रक अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए आगे बढ़ गया नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कंपनी की ओर से अगर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाने पर फिर से आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने मांग रखी है कि यहां पर चौक डवलप किया जाए और सिग्नल की सुविधा दें ताकि वाहन चालकों को दूर से ही पता चल सके कि यहां पर लोगों की आवाजाही होती है।
सड़क पर रोशनी की व्यवस्था नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि डेंजर जोन होने के बाद भी चौक पर रोशनी की कमी है। जबकि यहां से पार्रीकला ही नहीं बल्कि भाठापारा, अचानकपुर, गठुला, भेड़ीकला सहित आसपास के अन्य गांव के ग्रामीणों की रोज आवाजाही होती है। रात को कामकाजी लोग आते-जाते हैं। रोशनी के अभाव में दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बताया कि कंपनी को इस समस्या से कई बार अवगत करा चुके हैं। इसके बाद भी कोई सुधार नहीं हो रहा है।
रोजाना रिस्क उठा रहे हैं ग्रामीण
चौक के पास वैध क्रॉसिंग नहीं होने की वजह से ग्रामीण अवैध रूप से खाली छोड़ गए जगह से आवाजाही करते हैं। इसी चक्कर में दुर्घटना का शिकार होते हैं। दोनों साइड से वाहन रफ्तार के साथ आते-जाते हैं। इस दौरान सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं देते और हादसा हो जाता है। अफसरों का कहना है कि कोर्ट के निर्देश के चलते नेशनल हाइवे में ब्रेकर नहीं बना सकते। इसके लिए दूसरा ऑप्शन तैयार करने प्लान कर रहे हैं।
ग्रामीण लगातार कर रहे सर्विस रोड की मांग
कंपनी की ओर से सुरक्षा इंतजाम के नाम पर शनिवार को चौक के आसपास डिवाइडर में उग आई झाड़ियों की सफाई कराई गई। आसपास में सुरक्षात्मक संकेतक वाले स्टॉपर लगाए गए हैं। ग्रामीणों की ओर से चौक के पास सर्विस रोड बनाने की मांग की जा रही है। बताया गया कि पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ने लगभग 34 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार करवाया था, जिसमें नेहरू नगर से लेकर पार्रीनाला तक सर्विस रोड का निर्माण होना था।
हालांकि सरकार बदल जाने के बाद किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस प्रोजेक्ट को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। ग्रामीणों ने बताया कि सर्विस रोड भी बन जाए तो दुर्घटना का खतरा कम हो जाएगा और ग्रामीण रांग साइड से बचेंगे। कोतवाली टीआई वीरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि कंपनी को ग्रामीणों की मांग से अवगत करा चुके हैं।
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