प्रदेश के 28 जिलों में से घने जंगलों वाले 9 छोटे जिले ऐसे हैं जिनमें कोरोना मरीजों की संख्या लगातार और तेजी से कम हो रही है। राजधानी से करीब डेढ़ सौ किमी दूर बस्तर के नारायणपुर जिले में दिसंबर के 15 दिनों में 5 बार ऐसी स्थिति बनी है, जब एक भी कोरोना मरीज नहीं निकला। इसके अलावा, सुकमा में रोजाना 5, बीजापुर में 7 और गौरेला पेंड्रा मरवाही में रोजाना औसतन 9 मरीज ही निकले हैं। इनके अलावा 5 और जिले जैसे दंतेवाड़ा में रोजाना औसतन 15 मरीज, बस्तर में 18, कबीरधाम में 23 तथा कांकेर और कोंडागांव में रोज 31-31 मरीज निकले हैं। इसका प्रदेश को फायदा यह हुआ है कि कम मरीजों की वजह से एक्टिव केस कम हो रहे हैं तथा रिकवरी रेट भी बढ़ रहा है। राज्य बुलेटिन के अनुसार नारायणपुर में वहां 1, 5, 9, 13 और 14 दिसंबर को एक भी कोरोना केस दर्ज नहीं है। इसी तरह, वहां पिछले 15 दिन में महज 34 मरीज ही निकले हैं। हेल्थ विभाग के मीडिया इंचार्ज डॉक्टर सुभाष पांडे के मुताबिक इन जिलों में मरीजों की संख्या लगातार कम रही है। इससे शासन को भी राहत है, क्योंकि इनमें से अधिकांश जिले दूरस्थ और घने जंगलों की वजह से कई इलाके पहुंचविहीन जैसे हैं।
उम्मीद की जा रही है कि अगर यही ट्रेंड रहा तो जल्दी ही ये जिले कोरोना से मुक्त हो सकते हैं। यह बात अलग है कि तकनीकी तौर पर अभी किसी भी जिले को कोरोनामुक्त घोषित नहीं किया जा सकता।
आना-जाना कम होने से नहीं फैला संक्रमण, दूरी भी ज्यादा
हेल्थ अफसरों ने बताया कि नारायणपुर जिले में नवंबर में भी दो बार ऐसी स्थिति बनी थी, जब मरीजों की संख्या शून्य थी। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी बड़ी वजह यही नजर आरही है कि दुर्गम होने के कारण यहां ज्यादातर क्षेत्रों में बाहर से लोगों का आना-जाना कम या नहीं के बराबर है। इसलिए संक्रमण के फैलाव को रोकने में स्वाभाविक मदद मिल रही है। दूसरा, यहां जंगलों की वजह से आबादी का घनत्व कम है। गांवों में भी मकानों के बीच दूरी है। यह सोशल डिस्टेंसिंग के मापदंडों को भी पूरा कर रही है।
इधर, बढ़ रहा संक्रमण, रायपुर में कोरोना 50 हजार पार
छत्तीसगढ़ में गुरुवार को कोरोना के 1584 नए केस और सामने आए हैं। इस बीच 11 मरीजों की मौत भी हुई। 333 नए मरीज के साथ रायपुर में कोरोना के मामले 50 हजार पार हो गए हैं। इस बीच, एक्टिव मरीजों की दर में दशमलव एक प्रतिशत की गिरावट और दर्ज की गई है। इसके साथ ही प्रदेश में अब एक्टिव केस गिरकर 17407 रह गए हैं। पिछले माह नवंबर में मरीजाें की संख्या बीस हजार से अधिक थी। कोरोना मौत के लिहाज से प्रदेश में स्थिति नियंत्रित होती मानी जा रही है। दिसंबर के सत्रह दिन में हर दिन 17 की औसत से कोरोना मरीजों की मौत हो रही है। जबकि नवंबर में ये औसत 25 मौत प्रतिदिन था। अक्टूबर में मौत का औसत सबसे ज्यादा 36 मौत प्रतिदिन रहा है, जबकि सितंबर में 23 और अगस्त में औसतन 7 मौत रोज हो रही थी। कुछ जिलों से मौत की जानकारियां अभी भी विलंब से आ रही हैं।
हेल्थ विभाग के मीडिया इंचार्ज के डॉक्टर सुभाष पांडे के मुताबिक प्रदेश में अब तक हुई 31 सौ से ज्यादा मौतें में से 60 प्रतिशत से अधिक मौतें कोरोना के साथ अन्य गंभीर बीमारियों की वजहों से हुईं हैं। जिसे डेथ इनवेस्टीगेशन रिपोर्ट मिलने के बाद ही शामिल किया जा रहा है। दिसंबर में भी ये प्रक्रिया जारी रहेगी।
| मौत का औसत | माह दर माह |
| अगस्त | 07 प्रतिदिन |
| सितंबर | 23 प्रतिदिन |
| अक्टूबर | 36 प्रतिदिन |
| नवंबर | 25 प्रतिदिन |
| दिसंबर | 17 प्रतिदिन |
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