राजधानी में कोरोना का ट्रेंड पिछले 15 दिन यानी दिसंबर में अजीब तरह से बदला है। दरअसल बीते 15 दिनों में ऐसे 110 परिवार सामने आ चुके हैं, जिनके 3 से लेकर 5 तक सदस्य एक साथ संक्रमित हो गए। पूरा का पूरा परिवार पहले भी संक्रमित हुआ है, लेकिन अब यह संख्या काफी बढ़ गई है। ये परिवार निचली बस्तियों से पाॅश कालोनियों तक के हैं। भास्कर की पड़ताल के मुताबिक ऐसे सभी परिवार डीडीनगर, ब्राह्मणपारा, राधास्वामी नगर, एनआईटी कैंपस, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, देवेंद्रनगर, दुबे कॉलोनी, शिवानंदनगर, लालगंगा के पास, भावना नगर, अवंतिबाई चौक के आसपास, पुरानी बस्ती और शंकरनगर के निवासी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार राजधानी में काफी संख्या में लोगों का माइंडसेट ऐसा हो गया है कि कोरोना संक्रमण में कमी आई है। इस वजह से लोग शादियों से लेकर पार्टी तक अटेंड करने लगे हैं। समारोहों-पार्टियों में लोग मास्क में कम नजर आ रहे हैं। इन सब कारणों से संक्रमण एक से दूसरे में फैल रहा है। समारोहों ही नहीं, बाजारों में भी लोग ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे परिवारों की संख्या निचली बस्तियों से लेकर पाॅश कालोनियों तक एक बराबर ही है। सीनियर कैंसर सर्जन डॉ. युसूफ मेमन व गेस्ट्रो सर्जन डॉ. देवेंद्र नायक का कहना है कि अब संक्रमितों की संख्या कम आने से लाेग बेपरवाह हो गए हैं। उन्हें लगता है कि अब कोरोना कमजोर हो गया है। सपरिवार कहीं घूमने या बाजार भी जा रहे हैं, तो मॉस्क व सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की अनदेखी हो रही है। लोग परिवार होटल जा रहे हैं, तो भीड़ लगाकर ठेलों पर गुपचुप भी खा रहे हैं। इन सब कारणों से संक्रमण की अाशंका और बढ़ गई है।
बाजार गए और लेकर आए कोरोना
पुरानी बस्ती के एक ही परिवार के 5 लोग कोरोना की चपेट में आ गए हैं। अच्छी बात यह है कि सभी में हल्के लक्षण है इसलिए सभी का इलाज होम आइसोलेशन में हो रहा है। परिवार के सदस्य एक साथ बाजार घूमने गए थे और कोरोना पॉजिटिव आ गए। डीडीनगर के एक परिवार के 4 सदस्य इसलिए कोरोना पॉजिटिव आ गए, क्योंकि उन्हें जरूरी सावधानी नहीं बरती। वे एक अस्पताल में मरीज से मिलने गए थे। वहां कुछ मरीज व उनके अटेंडेंट के संपर्क में आए और संक्रमित हो गए।
15 दिनों में 2700 संक्रमित
राजधानी में 15 दिसंबर तक 2700 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। रोजाना औसतन 180 मरीज मिल रहे हैं। ये ऐसे मरीज हैं, जो बस्तियों के अलावा पॉश काॅलोनियाें में मिले हैं। हालांकि अक्टूबर की तुलना में मरीजों की संख्या घटी है। नवंबर से राजधानी में 200 से 250 के बीच नए मरीज मिल रहे हैं। हालांकि पिछले 5 दिनों से 200 से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। हालांकि पिछले एक माह से मौत कम हुई है। 15 दिनों में 32 मरीजों की मौत हुई है। औसतन रोज दो से ज्यादा मरीजों की मौत हुई है, जो पहले की तुलना में काफी कम है।
जिन्हें पहले कोरोना नहीं हुआ, अब उन सभी को एलर्ट रहने की जरूरत
अब कोरोना संक्रमण उन्हीं लोगों को होने की आशंका ज्यादा है, जो अब तक संक्रमित नहीं हुए थे। वजह ये है कि जो जुलाई से नवंबर तक संक्रमित हुए, उनके शरीर में एंटीबाॅडी बन चुकी होगी, इसलिए उन्हें संक्रमण का असर नहीं के बराबर रहेगा। इसलिए अब तक सुरक्षित लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। जहां तक एक परिवार के कई सदस्यों के एक साथ संक्रमित होने की बात है, वायरल लोड ज्यादा होने की वजह से ऐसा हो रहा है। दरअसल सर्दी-बुखार एक सदस्य को हो, तो बाकी लोग उतनी सावधानी नहीं बरतते, इसलिए संक्रमित हो रहे हैं। यह आशंका पहले से थी। बहरहाल, अब भी घर से तभी निकलें जब जरूरी हो। मास्क के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करें।
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