Skip to main content

122 में केवल 28 ट्रेनें ही चल रहीं, जयपुर-लखनऊ रूट पर एक भी नहीं

कोरोना अनलॉक में धीरे-धीरे सब सामान्य हो रहा है, लेकिन ट्रेन यातायात अभी भी एक तरह से ठप है। रायपुर स्टेशन से गुजरने वाली 122 ट्रेनों में केवल 28 गाड़ियां ही चल रही हैं। दिल्ली-मुंबई-हावड़ा रुट पर जहां एक से डेढ़ दर्जन ट्रेनें चलती थीं, वहीं अभी किसी रुट पर पांच तो किसी में सात गाड़ियां चल रही हैं। जयपुर और लखनऊ जैसे कई प्रमुख रूट पर तो एक भी गाड़ी का परिचालन शुरू नहीं हुआ है। कम ट्रेनें चलने के कारण यात्रियों को रिजर्वेशन भी मुश्किल से मिल रहा है। वेटिंग टिकट पर तो सफर ही बैन कर दिया गया है। इस वजह से मजबूरी में लोगों को लंबी दूरी की भी बस यात्रा करनी पड़ रही है। रेलवे अफसरों के अनुसार कोरोना संक्रमण खत्म नहीं होने तक यही हालात रहेंगे।
पहले की तुलना में बेहद कम ट्रेनें चलने के कारण लोगों को पता ही नहीं चल पा रहा है कि उन्हें कब ट्रेन मिलेगी और कब नहीं। लॉकडाउन के पहले तक लोगों को लगभग हर रुट की ट्रेनों के बारे में जानकारी थी। इस वजह से लोगों को स्टेशन पहुंचकर गाड़ियों की जानकारी लेनी पड़ रही है। इस वजह से वेटिंग टिकट के सहारे भी लोग यात्रा नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि रायपुर से पटना, झारखंड और यूपी के कई शहरों में चलने वाली बसों में जबरदस्त भीड़ चल रही है। बस स्टैंड में जहां इन राज्यों के बुकिंग सेंटर हैं वहां बाकायदा लाइन लगाकर टिकट लेना पड़ रहा है।

गाड़ियों के परिचालन का दिन और समय पता भी चल जाए तो रिजर्वेशन मिलना आसान नहीं है। कम गाड़ियां चलने की वजह से लोग कई-कई दिन पहले सीटें बुक करवा रहे हैं। ऐसे में इमरजेंसी में किसी भी रुट के लिए सीट नहीं मिल रही है। रेलवे ने कोरोना के कारण वेटिंग टिकट पर सफर बैन कर दिया है।

राजस्थान के किसी भी शहर के लिए ट्रेन नहीं
रायपुर व बिलासपुर से देश के दो बड़े शहरों जयपुर व लखनऊ को जोड़ने के लिए एक भी ट्रेन नहीं चल रही है। यहां तक की राजस्थान के किसी भी शहर के लिए ट्रेनों का परिचालन नहीं हो रहा है। रायपुर समेत पूरे प्रदेश में राजस्थान के लाेग बड़ी संख्या में रहते हैं। दोनों प्रदेश के बीच व्यापारिक संबंध भी है। स्थिति यह है कि रायपुर से इन दिनों ना तो ट्रेन चल रही है और ना ही फ्लाइट की ही सुविधा है। इसी तरह रायपुर से लखनऊ व कानपुर जाने के लिए भी कोई ट्रेन नहीं है। रायपुर से लखनऊ को जोड़ने वाली एक मात्र गरीब रथ भी बंद है। इसके अलावा कानपुर को जोड़ने वाली बेतवा एक्सप्रेस का परिचालन भी ठप है।

"अभी विभिन्न रूटों पर ट्रेनों की संख्या काफी कम है। जरूरत के हिसाब से ट्रेनों का स्पेशल के तौर पर चलाया जा रहा है। लोकल ट्रेनों के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अभी तक रेलवे बोर्ड से इस बारे में कोई निर्देश नहीं आया है।"
-साकेत रंजन, सीपीआरओ, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
बस स्टैंड में पटना जाने वाली बस के सामने रोज लगती है भीड़।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/34tFRuu
via

Comments