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Jharkhand daily news

25 नवंबर को देवउठनी एकादशी है। इस दिन विवाह सहित अन्य शुभ कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे। वहीं 11 दिसंबर तक ही विवाह के लिए शुभ मुहूर्त रहेंगे। क्योंकि, 15 दिसंबर से खरमास शुरू हो जाएगा। इस माह में विवाह के लिए मुहूर्त नहीं रहते हैं। दिसबंर के बाद अप्रैल में विवाह के मुहूर्त रहेंगे। 25 नवंबर को देव प्रबोधिनी एकादशी के दिन विवाह का मुहूर्त है। देश के कई हिस्सों में इसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इसलिए इस दिन विवाह व हर तरह के मांगलिक काम किए जाते हैं। लेकिन ग्रंथों में इसे अबूझ मुहूर्त नहीं कहा गया है। इस बार नवंबर में 25 और 30 तारीख को विवाह के मुहूर्त रहेंगे। इसके बाद दिसंबर में 1, 7, 8, 9 और 11 तारीख को विवाह के मुहूर्त रहेंगे।

अगले साल अप्रैल में रहेगा पहला मुहूर्त

इस साल 15 दिसंबर को सूर्य के धनु राशि में आ जाने से खरमास शुरू हो जाएगा। जो कि अगले साल 14 जनवरी तक रहेगा। खरमास में विवाह के लिए मुहूर्त नहीं होते हैं। इसके बाद 19 जनवरी को गुरु तारा अस्त हो जाएगा और 16 फरवरी तक अस्त ही रहेगा। इस दौरान भी विवाह के लिए मुहूर्त नहीं रहेंगे। फिर 16 फरवरी से 17 अप्रैल तक शुक्र तारा अस्त रहेगा। इस कारण 11 दिसंबर के बाद अगले 4 महीने तक विवाह के लिए शुभ मुहूर्त नहीं रहेंगे। इस तरह अगले साल 22 अप्रैल को पहला विवाह मुहूर्त रहेगा।

साल 2020 में विवाह मुहूर्त

इस साल जनवरी और फरवरी में ज्यादातर विवाह हुए हैं। मार्च में होलाष्टक के कारण मुहूर्त नहीं थे। इसके बाद कोरोना के चलते मई तक बहुत कम शादियां हुईं। फिर अनलॉक शुरू होने के बाद 31 मई से 8 जून तक शुक्र तारा अस्त होने से मुहूर्त नहीं थे। जून में सिर्फ 7 दिन मुहूर्त थे। इसके बाद 1 जुलाई को एकादशी पर देवशयन हो गया और चातुर्मास लग गया। अधिक मास की वजह से इन 5 महीनों में कोई शुभ मुहूर्त नहीं है। अब सीधे 25 नवंबर से ही विवाह और अन्य मांगलिक काम शुरू होंगे।



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Shehnai will start ringing from 25, the marriage auspicious for 2 days in November and 5 days in December, no auspicious time for marriage for 4 months after December 11


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