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Jharkhand daily news

चाईबासा सदर अस्पताल में काेराेना काल में सिर्फ पीपीई किट खरीदारी में ही गड़बड़ी हुई है, ऐसा नहीं है। सरकारी राशि को डकार जाने का खेल 2018 से चल रहा है। फिलहाल पीपीई किट खरीद घाेटाले की जांच जिला स्तर पर बनी चार सदस्यीय टीम कर रही है। लेकिन जांच का दायरा बढ़ा ताे कई लाेग लपेटे में आएंगे। दैनिक भास्कर के हाथ लगे दस्तावेजों से यह साबित हाेता है कि सरकारी राशि की हेराफेरी के लिए ही रांची में मार्च-2018 में आरुषि इंटरप्राइजेज और एक साल बाद मार्च 2019 में अमन इंटरप्राइजेज नामक फर्म बनाया गया। दोनों फर्म का स्थायी पता भी एक ही है।

एड-ग्लोबल नामक एक और फर्म बनाया गया, जिसका कोई निबंधन नहीं है। इन फर्मों के बैंक खाते की डिटेल बताती हैं कि सिर्फ और सिर्फ सदर अस्पताल चाईबासा से रकम ट्रांसफर हुए हैं। अप्रैल 2019 से 21 अक्टूबर 2020 तक आरुषि इंटरप्राइजेज के खाते में 13 बार पैसे आए हैं। इसमें 10 बार में कुल 9145971 रुपए जमा हुए हैं, जो सरकारी राशि है। इसमें 1000 पीपीई किट के 10.50 लाख रुपए का भुगतान भी शामिल है। टीम पिछले सात दिन से दाेनाें फर्म की जांच-पड़ताल में जुटी है। इस दाैरान डीपीएम नीरज यादव काे रिलीज कर रांची भेज दिया गया है।



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Ranchi's right firms were made only for misappropriation of funds from Sadar Hospital; Less than 1 crore was paid to avoid audit


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