आईटीआई अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं ने अपनी छह मांगों को लेकर सोमवार को सीसीएल मुख्यालय के पास धरना दिया। धरने के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने राजकिशोर सिंह और सुरेंद्र यादव के नेतृत्व में सीसीएल के सीएमडी को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि आईटीआई प्रशिक्षुओं ने 1 वर्ष का प्रशिक्षण पाने के बाद एक साल तक सीसीएल में काम किया। इस दौरान सभी कुशल प्रशिक्षु बन चुके हैं और कुशल कामगार बनना चाहते हैं। उन्हें सीसीएल में स्थाई रूप से रखने की व्यवस्था की जाए।
कहा है कि उन्हें प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। पिछले कई वर्षों से सीसीएल कोल इंडिया में तकनीकी पदों पर किसी तरह की भर्ती नहीं हुई है। ऐसे में अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं को रोजगार का अवसर दिया जाए। ज्ञापन में कहा है कि इसी तरह कोरोना वायरस के कहर से शिक्षित युवाओं को पूरी तरह निराश कर दिया है। ऐसे में जीविका की पूर्ति के लिए रोजगार उपलब्ध कराया जाए, अन्यथा जीवन अंधकार में हो जाएगा।
जो पहले से प्रशिक्षित हैं उन्हें बता रहे हैं अयोग्य
सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा से 4 वर्ष पूर्व राज्य भर में 395 दारोगा की नियुक्ति हुई थी। इनमें से कुछ ऐसे भी नियुक्त दारोगा हैं, जो विभाग में ही 20 वर्षों से ज्यादा की सेवा तो दे चुके हैं और सहायक अवर निरीक्षक के पद पर रहते हुए विभागीय प्रशिक्षण भी प्राप्त कर चुके हैं। अब उन्हें अयोग्य बताया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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