दीपाें का पर्व दीपाेत्सव शनिवार काे मनाया जाएगा। पंडिताें और ज्याेतिषियाें की मानें ताे इस बार दीपावली हर तरह से शुभ है। ज्याेतिषाचार्य रमेश चंद्र त्रिपाठी का कहना है कि मंगलवार और शनिवार माता भगवती का दिन माना गया है। शनिवार काे दीपावली हाेने के कारण माता लक्ष्मी की असीम कृपा हाेगी। दीपाेत्सव मनाने से शनि भगवान भी प्रसन्न हाेंगे। साथ ही शनि के दाेष भी मुक्ति मिलेगी। शास्त्राें में माता लक्ष्मी काे चंचला माना गया है।
इसलिए स्थिर लग्न में माता लक्ष्मी की आराधना करना शुभ और स्थिर धन प्राप्ति के लिए सर्वाेत्तम माना गया है। शनिवार सुबह 6:47 बजे से रात 2:11 बजे तक कई स्थिर लग्न का संयाेग बन रहा है। सुबह 6:47 बजे से सुबह 9:04 बजे तक वृश्चिक, 12:57 बजे से दाेपहर 2:28 बजे तक कुंभ, शाम 5:29 बजे से रात 7:29 बजे तक बृषभ लग्न तथा रात 11: 57 बजे से रात 2:11 बजे तक सिंह लग्न है। इन सभी लग्न में माता लक्ष्मी की आराधना करना स्थिर धन प्राप्ति के लिए शुभ माना गया है।
कई राशियाें के लिए यह दीपाेत्सव रहेगा विशेष
कई राशि वालाें के लिए यह दीपाेत्सव विशेष ताैर फलदायी हाेगा। तुला, धनु और वृश्चिक राशि वालाें काे स्थिर धन की प्राप्ति हाेगी। मेष, बृष और मिथुन राशि वालाें काे काराेबार में बढ़ाेतरी हाेगी।
वृषभ और सिंह लग्न को गाेधुली बेला माता लक्ष्मी की पूजा के लिए सर्वाेतम
पंडिताें का कहना है कि सभी स्थिर लग्नाें में सिंह और वृषभ लग्न काे माता लक्ष्मी की पूजा के लिए सर्व श्रेष्ठ माना गया है। गाेधुली बेला माता लक्ष्मी के आगमन का सबसे शुभ समय माना गया है। भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण अवतार में गाेधुली बेला काे सर्वे श्रेष्ठ बताया है। आदि काल से गाै माता खेत, खलिहान और मैदान से चर कर शाम के समय गाेधुली बेला में ही घर लाैटती हैं, इसलिए माता लक्ष्मी की पूजा के लिए यह मुहूर्त शुभ है। दीपावली के दिन शाम 4 बजे से 5:29 बजे तक गाेधुली लग्न है।
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