विधानसभा की निवेदन समिति शुक्रवार काे धनबाद पहुंची। समिति ने समिति सभापति सह बरही विधायक उमाशंकर अकेला की अध्यक्षता में धनबाद परिसदन में जिला प्रशासन और विभिन्न विभागाें के अधिकारियाें के साथ बैठक की। बैठक में 21 प्रस्तावाें की समीक्षा की गई। बैठक में समिति के सदस्य सिंदरी विधायक इंद्रजीत महताे, झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह और सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा माैजूद थे। बैठक के बाद समिति विभिन्न क्षेत्राें का स्थल निरीक्षण करने निकल गई।
निरीक्षण के दौरान समिति अवैध उत्खनन की शिकायत की जांच करने गाेविंदपुर प्रखंड के गाेलपहाड़ी पहुंची। समिति को देख क्रशर संचालक और पत्थर माफिया पाॅकलेन, हाइवा, ट्रक, ट्रैकटर सहित अन्य वाहन जंगल में छुपा कर भाग गए। समिति के सदस्याें ने जंगल में जाकर वाहनाें का निरीक्षण किया, जिसमें भारी मात्रा में पत्थर लदे हुए मिले। अवैध उत्खनन का नजारा देख समिति भड़क गई। जिला खनन पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियाें काे फटकार लगाई। समिति के निर्देश पर डीएमओ ने थाने में एफआइआर दर्ज कर अगले आदेश तक इस क्षेत्र में चल रहे अवैध पत्थर के उत्खनन काे बंद करने का आदेश दिया।
खनन विभाग की मिलीभगत से हाे रहा है अवैध उत्खनन
निवेदन समिति के सभापति उमा शंकर अकेला ने बताया कि गाेविंदपुर प्रखंड का गाेलपहाड़ी 54 एकड़ में फैली है। लेकिन पत्थर माफियाें के कारण इस पहाड़ी का अस्तित्व ही समाप्त हाेने के कगार पर है। यह अवैध उत्खनन खनन विभाग के अधिकारियाें की मिली-भगत के बिना नहीं हाे सकती। इसकाे लेकर धनबाद डीसी से भी बात करेंगे। इसके अलावे खनन विभाग के सचिव से विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। उन्हाेंने कहा कि अवैध खनन काे लेकर मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से भी बात करेंगे, ताकि इस गाेरखधंधा पर राेक लग सके।
माइंस एरिया में रहने की स्थिति नहीं
विधानसभा की निवेदन समिति झरिया के लाेदना स्थित 6 नंबर साइडिंग, 9 नंबर साइडिंग, माड़ी गोदाम, जीनागोड़ा, जयरामपुर अादि क्षेत्राें का दाैरा कर काेयला उत्खनन और वहां के मजदूराें की समस्या का अवलाेकन किया। समिति 5 बजे जीनाेगाड़ा पहुंची, उस समय ब्लास्टिंग हाे रहा था। काेयला का टुकड़ा व डस्ट लाेगाें के घर में जा रहा था। जबकि, ब्लास्टिंग का समय दाेपहर 2 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक ही है। समिति ने कहा कि माइंस एरिया में प्रदूषण की यह स्थिति बहुत ही खतरनाक है।
मानक के अनुसार नहीं हो रहा निर्माण
निरीक्षण के दौरान समिति एसएनएमएमसीएच पहुंची और सुपर स्पेशलिस्ट भवन को देखा। समिति का कहना है कि सुपर स्पेशलिस्ट भवन में मानक के अनुसार सीमेंट-बालू की मिलावट और छड़ का उपयाेग नहीं हो रहा है। सीमेंट-बालू की मिलावट का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। पांच साल से यह भवन बन रहा है। लेकिन अबतक पूरा नहीं हाे पाया है।
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