केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी) में संविदा अवधि समाप्त होने के बाद भी कई संवर्ग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों की सेवा नियम विरुद्ध ढंग से ली जा रही है। पैथोलॉजी विभाग में अप्रैल में ही चार लैब असिस्टेंट की सेवा अवधि समाप्त हो गई है। किंतु उनको सेवा विस्तार का सब्जबाग दिखाकर सीआईपी प्रशासन बिना कोई भुगतान किए ही उनसे विगत 6 माह से कार्य लेे रहा है।
लॉकडाउन में कोई दूसरा विकल्प नहीं देख कर वे लोग भी मजबूरन कार्य कर रहे हैं, किंतु हालत ऐसी है कि उन लोगों के समक्ष अपना घर चला पाना अब कठिन हो गया है। इसके अलावा क्लिनिकल साइकोलॉजी और साइकेट्रिक सोशल वर्क डिपार्टमेंट में एक भी स्थाई शिक्षक नहीं है।
एमफिल कोर्स के संचालन के लिए संविदा पर नियुक्त दोनों विभागों के शिक्षकों की सेवा भी जुलाई और अगस्त माह में समाप्त हो चुकी है। इधर, निदेशक ने कहा कि सेवा विस्तार के लिए पत्र स्वास्थ्य मंत्रालय और निदेशालय को भेजा गया है, जल्द ही अनुमति मिल जाएगी। जबकि, स्वयं निदेशक का कार्यकाल 4 माह बचा है।
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