सेंट जेवियर्स मिशन स्कूल बरवाअड्डा ने स्कूल के नाम पर हो रही छात्रवृत्ति घोटाले की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, धनबाद शाखा से की है। वहीं दो और स्कूलों ने दावा किया है कि उनके स्कूल के नाम पर 479 फर्जी छात्रों को छात्रवृति भुगतान हुआ है। सेंट जेवियर्स मिशन स्कूल के प्राचार्य घनश्याम साहू ने एसीबी को ईमेल कर मामले में प्राथमिकी दर्ज करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है। प्राचार्य घनश्याम साहू ने एसीबी को बताया है कि स्कूल के नाम पर सत्र 2020 21 में कुल 341 बच्चों का अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के लिए पंजीयन किया गया।
जबकि इसकी जानकारी भी स्कूल के किसी सदस्य को नहीं थी। जिन बच्चों के नाम का पंजीयन कराया गया है, इनमें एक भी स्कूल के बच्चे नहीं है। स्कूल में केवल 6 अल्पसंख्यक बच्चे हैं, जिनके छात्रवृत्ति के लिए कल्याण विभाग को आवेदन दिया गया था। अखबारों में छात्रवृत्ति घोटाले की खबर प्रकाशित होने के बाद जब अपने छह बच्चों के लिए ऑनलाइन आवेदन करना चाहा तो मोबाइल पर ओटीपी नहीं आया। इसको लेकर जब कल्याण विभाग पहुंचा तो पता चला कि बिना सूचना के ही मोबाइल नंबर बदल दिया गया है। वह नंबर स्कूल के किसी भी कर्मचारी का नहीं है। जब अपना मोबाइल नंबर फिर से रजिस्टर कराया और लॉगिन किया तो देखा कि उनके स्कूल के नाम पर 341 फर्जी अल्पसंख्यक छात्रों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। यही नहीं, उसे वेरीफाई भी कर दिया गया है।
इधर, छात्रवृति घोटाले में दो और नए खुलासे...
1. जिस स्कूल में एक भी अल्पसंख्यक बच्चा नहीं, उसके नाम पर 208 बच्चों को भुगतान
कर्नल पब्लिक स्कूल मांडरा, बाघमारा के नाम पर वर्ष 2019-20 में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के लिए 208 बच्चों का रजिस्ट्रेशन कर छात्रवृत्ति भुगतान लिया गया। जबकि, स्कूल प्रबंधन काे इसकी भनक भी नहीं लगी। स्कूल के संयुक्त सचिव मुकेश कुमार ने बताया कि उनके स्कूल में एक भी अल्पसंख्यक बच्चा नहीं पढ़ता है। पूर्व प्रधानाध्यापक सुभाष रजक का कहना है कि उन्होंने कभी कोई लॉगिन नहीं किया है और न उनके मोबाइल नंबर से कोई वेरिफिकेशन हुआ है। प्रति छात्र 10,700 रुपए का भुगतान किया गया। इस प्रकार कुल 21 लाख, 93 हजार, 5 सौ का भुगतान किया गया।
2. स्कूल ने छात्रवृति के लिए अावेदन नहीं दिया, फिर भी हुआ 271 बच्चों को भुगतान
मॉडर्न पब्लिक स्कूल चिरकुंडा के नाम पर भी फर्जीवाड़ा कर घोटाला किए जाने का मामला सामने आया है। भ्रष्ट सिंडिकेट ने वर्ष 2019-20 में स्कूल के नाम से 271 फर्जी छात्र-छात्राओं का अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति उठाया। प्राचार्य सुनील मिश्रा ने बताया कि स्कूल की ओर से नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल में पंजीयन नहीं कराया गया था। कल्याण विभाग से भी स्कूल में छात्रवृत्ति योजना को लेकर कभी संपर्क नहीं किया था। यूजर आईडी पासवर्ड ओटीपी या आवेदकों के वेरिफिकेशन से स्कूल का दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद 271 फर्जी छात्रों को उनके स्कूल का बताकर 27 लाख 80 हजार रुपए की छात्रवृति दी गई।
एसोसिएशन और महासंघ ने की बैठक
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, झारखंड और झारखंड अभिभावक महासंघ की बैठक रविवार को हुई। इसमें छात्रवृत्ति घोटाले पर चर्चा की गई और जांच के लिए दबाव बनाने के तरीकों पर विमर्श किया गया। एसोसिएशन के जिला सचिव प्रवीण कुमार दुबे ने बताया कि सदस्य स्कूल की ओर से एसीबी को ईमेल कर शिकायत की गई है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/34Onyk2
via IFTTT
Comments
Post a Comment