अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घाेटाला की जांच के लिए डीसी ने बुधवार काे एडीएम (विधि-व्यवस्था) की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। कमेटी में कार्यपालक दंडाधिकारी गुलजार अंजुम, सहायक सूचना विज्ञान पदाधिकारी प्रियांशु कुमार व यूआईडी के डीपीओ अमित कुमार शामिल हैं। जांच कमेटी काे 7 नवंबर तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। इधर, इस घोटाले में बुधवार को आईएसएल मुनीडीह ने फर्जीवाड़े की शिकायत डीसी से की।
प्राचार्य काैशल्या बाेस ने कहा है कि वर्ष 2019-20 में 331 बच्चाें की छात्रवृत्ति स्वीकृत हुई। जबकि, स्कूल में कुल अल्पसंख्यक बच्चाें की संख्या 92 है। स्कूल की ओर से किसी बच्चे के लिए आवेदन नहीं किया गया था। यूजर आईडी-पासवर्ड के लिए भी आवेदन नहीं किया।
यह छोटा नहीं, बड़ा घोटाला है : डीसी
डीसी ने कहा कि यह घोटाला छाेटा नहीं है। मामला धनबाद से ही उजागर हुआ है, इसलिए इसके तह तक जाएंगे। वर्ष 2020-21 के सत्यापन के दाैरान यह मामला पकड़ में आया। वर्ष 2019-21 के अब तक 12 स्कूलाें का मामला सामने अाया है। इनकी जांच ताे की ही जाएगी, जरूरत पड़ी ताे बाकी सभी स्कूलाें की भी जांच की जाएगी। प्रतीत हाे रहा है कि काेई नेक्सस काम कर रहा है। इसमें संबंधित स्कूल, शिक्षा या कल्याण विभाग के कर्मियाें की मिलीभगत हाे सकती है।
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